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विश्व हिंदू परिषद के तेवर गर्म. साफ शब्दों में बोला- भारत बचाना है तो सेना से बाहर करो कश्मीरी मुसलमानों को

कश्मीर के कुछ मुस्लिम समुदाय के लोगों के द्वारा आतंकियों को पनाह देने और आतंकी हमले को अंजाम देने में मदद के चलते कई भारतीयों को मारे जाने से आहात में आकर विश्व हिन्दू परिषद् कोंकण के अध्यक्ष ने एक ऐसा बयान दिया है जिसे हम सब जानना चाहेंगे। अमरनाथ यात्रियों पर हमले के बाद शुक्रवार को विश्व हिंदू परिषद ने कश्मीर मामले में सरकार पर कठोर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। हिंदू संगठन ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के 10 हजार से भी ज्यादा कार्यकर्ता कश्मीर में आतंक प्रभावित क्षेत्रों में जाकर सेना का उत्साह बढायेंगे।
वीएचपी कोंकन के अध्यक्ष शंकरराव गायकर ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सेना में कश्मीरी मुस्लिमों की भर्ती बंद होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना दोनों में ही कश्मीरी मुस्लिमों की भर्ती बंद करे। गायकर ने यह भी कहा कि अगर सेना और पुलिस में कश्मीरी मुसलमानों की भर्ती बंद नहीं होगी तो सेना पर पत्थर फेंकने वाले लोग एक दिन सेना में भर्ती होंगे और देश के खिलाफ साजिश करेंगे।
गायकर ने कहा कि हमारा देश चरमपंथियों और जिहादियों की वजह से यु्द्ध क्षेत्र बन गया है। ये चरमपंथी रोज हमले करते हैं। उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है जब मासूमों को मारने वाले चरमपंथियों को मिलकर सबक सिखाया जाये। गायकर ने सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार कश्मीर मामले पर सख्त कदम नहीं उठा रही है। हमारे पास फुल टाइम रक्षा मंत्री भी नहीं है। राजनाथ सिंह ने कहा था कि हमने सेना को को आतंकियों के खात्मे के लिए पूरा अधिकार दिया है लेकिन सेना के हाथ अभी तक बंधे हुए हैं।
शंकरराव ने मदरसों को बंद करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार को घाटी में चल रहे सभी मदरसों को बंद कर देना चाहिए। आतंक की नर्सरी क्लास इन्ही मदरसों में लगती है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार हिंदुत्व की कोर पॉलिसी पर चले और धारा 370 को हटाये। घाटी में मुस्लिम समुदाय के सहभागिता से अलगाववाद और आतंकवाद के चलते समय समय पर जान गंवानी पड़ती है। जिसमे कई बेगुनाहो की भी जान जाती है। ऐसे  बयान का एक यह भी कारण है। 
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