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क्या घिर रहे हैं हम ? बांग्लादेश फैला रहा मेघालय में मजहबी कट्टरता… किसी और ने नहीं खुद सरकार ने कबूला..

मेघायल के कैबिनेट मंत्री प्रेस्टोन त्यानसोंग ने एक दिन पहले केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के बयान को जिसमें उन्होंने कहा था कि धार्मिक कट्टरता नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है” स्वीकार है। हालांकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से आने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए भारत सभी जरूरी कदम उठा कर तैयार है। बता दें कि मेघालय की अंतरराष्ट्रीय सीमा बांग्लादेश से लगती है। मेघालय लगातार घुसपैठ और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से प्रभावित राज्य है जहाँ प्रतिदिन कोई ना कोई आतंकी गतिविधि होती रहती है। सीमा के दूसरी तरफ से निषिद्ध माल और अवैध हथियार भारत में आता है।

त्यानसेंग ने अपने एक बयान में कहा कि एंटी नेशनल और एंटी सेक्युलर विचारधाराएं देश के लिए खतरा है। भारतीय सरकार युवाओं को एंटी नेशनल और एंटी सेक्युलर विचारधाराओं से दूषित करने वाले लोगों पर कड़ी निगाह रखे हुए है व उनके खिलाफ कदम उठाने को तैयार है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि युवाओं में एंटी नेशनल और एंटी सेक्युलर विचारधारा आने से समय रहते नहीं निपटा गया तो यह आतंकवाद का रूप ले सकती है। त्यानसेंग ने भी गृह मंत्री की बात का समर्थन किया.

बताते चले कि नॉर्थ ईस्ट में सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा के लिए एक बैठक का आयोजन किया गया था. जिसमें राजनाथ सिंह ने अपने अपना मत रखते हुए कहा कि,  अगर हम भारत के लिए भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों और खतरें की बात करें तो कट्टरता सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है। कट्टरता ट्रांसनेशनल फिनोमिनन है। अगर हमने इस पर लगाम नहीं लगाई तो यह आतंकवाद में बदल जाएगा जो भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। गृह मंत्रालय में एडवाइजर अशोक प्रसाद ने अपने ब्यान में कहा था कि बांग्लादेश में स्थित जमियत उल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठन भारत के सीमावर्ती जिलों में युवाओं को कट्टरता की ओर धकेलने की कोशिश कर रहे हैं जो बड़ी चिंता का विषय है।

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