370 का कलंक धोने से पहले मोदी सरकार ने किया था वो काम जिससे साबित होगा कि लौट रही है सत्य सनातन संस्कृति

5 अगस्त 2019 का दिन भारतीय इतिहास में उस समय स्वर्णिम अक्षरों में अंकित हो गया जब गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को ख़त्म कर दिया गया. इसके बाद पूरा देश जश्न मनाने लगा. देश की राष्ट्रवादी जनता लंबे समय से इस इन्तजार में थी कि वो दिन कब आएगा जब कश्मीर से धारा 370 हटेगी तथा जम्मू कश्मीर राज्य पूरी तरह से भारत का हिस्सा बन पायेगा. और ये दिन 5 अगस्त 2019 को आया तथा कश्मीर एक बार पुनः भारतवर्ष में पूरी तरह से जुड़ गया.

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जब मोदी सरकार से कश्मीर 370 हटाई थी, उससे पहले मोदी सरकार ने सनातनी संस्कृति के मूल सिद्धांतों पर चलते हुए उसी तरह विशेष पूजा कराई थी, जिस तरह किसी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले सनातन में अनुष्ठान कराया जाता है. ये पूजा कर्नाटक के मेंगलूरू के कल्लूर के एक मंदिर में कराई गई थी. मेंगलुरु के मुक्कांबिका मंदिर के पुजारियों ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि 5 अगस्त के ऐतिहासिक फैसले से पहले उन्हें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से एक कॉल आई थी, जिसमें उन्हें एक स्पेशल पूजा आयोजित करने के लिए कहा गया था.

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पुजारियों ने बताया कि वित्त मंत्री के निर्देश के बाद उन्होंने पूजा आयोजित की और दिल्ली जाकर पीएम मोदी, वित्त मंत्री सीतारमण और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और उन्हें पूजा का प्रसाद दिया था. मुक्कांबिका मंदिर के पुजारी केएन सुब्रह्मण्यम अडिगा ने बताया कि वित्त मंत्री के अधिकारियों ने उनसे कहा था कि पूजा देश और देशवासियों के लिए होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से इस तरह पूजा के के निवेदन का यह पहला मौका था.

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मंदिर के पुजारी ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि सरकार यह पूजा क्यों करवा रही है, लेकिन बाद में हमें पता चला कि पूजा जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को समाप्त करने के सरकार के फैसले के साथ हो रही थी. सरकार के आग्रह के बाद हमने चंद्रिका होम किया था, जो ढाई घंटे में संपन्न हुई थी. इसे सामान्य तौर पर दोपहर के समय आयोजित किया जाता है. पुजारी ने बताया कि पूजा के दो दिन बाद वह अपने पिता और अन्य वरिष्ठ पुजारियों के साथ दिल्ली पहुंचे.

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पुजारी सुब्रह्मण्यम ने बताया कि 7 अगस्त को वे लोग वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गृह मंत्री अमित शाह से मिले और उन्हें प्रसाद दिया. अगले दिन 8 अगस्त को वे लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मिले. पुजारी ने बताया कि पीएम से उनकी मुलाकात 15 मिनट की रही, जिसमें उन्होंने सभी पुजारियों से देश के लिए प्रार्थना करने को कहा. गृह मंत्री अमित शाह ने भी पूजा को लेकर खुशी जताई. पुजारी ने कहा, ‘हमने पीएम को कोल्लूर मंदिर का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया तो उन्होंने कहा कि अगर देवी बुलाएंगी तो वह जरूर वहां जाएंगे.”

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