उधर आतंकी और पाकिस्तान परस्त यासीन मलिक को जम्मू जेल भेजने का एलान हुआ, इधर जम्मू में ही हो गया ब्लास्ट

आतंक के पाँव धीरे धीरे उस जम्मू की तरफ पसर रहे हैं जो पहले कश्मीर में हुआ करते थे.. ये वही जम्मू है जो शांत रहा करता था लेकिन एक सोची समझी साजिश के तहत जिद करते हुए वहां पर रोहिंग्या आदि की अवैध बस्ती बना डाली गयी .. इतना ही नहीं , वहां के हिन्दुओ पर सरकारी दमन हुआ जो तमाम लोगों को संदिग्ध लगा .. अब वही जम्मू धीरे धीरे बनता जा रहा है आतंक का अड्डा क्योकि वहां भी होना शुरू हुआ है वो सब जो अब तक हुआ करता था कश्मीर में .

कश्मीर में अलगाववाद पर राज्य प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के प्रमुख यासीन मलिक को गिरफ्तार कर लिया गया हैं। पब्लिक सेफ्टी एक्ट(PSA) के तहत यासीन मलिक को गिरफ्त में लिया गया। उन्हें श्रीनगर से बाहर जम्मू स्थित कोट भलवाल जेल में रखा जाएगा। शायद इस खबर को आतंकियों ने चुनौती के रूप में लिया और जम्मू की तरफ अपना रुख किया . PSA लगने से पहले राज्य के उच्च न्यायालय ने भी यासीन मलिक को एक बड़ा झटका देते हुए रुबिया सईद की गिरफतारी व एयरफोर्स के अधिकारियों पर हमले से जुड़े मामलों की सुनवाई को श्रीनगर से जम्मू स्थानांतरित करने के संदर्भ में उनसे आपत्तियां मांगी हैं।

अब उसी जम्मू के बस स्टैंड पर गुरुवार को ग्रेनेड से आतंकी हमला हुआ। ग्रेनेड की चपेट में बस आ गई। विस्फोट में एक नागरिक की जान चली गई, 28 लोग जख्मी हुए हैं। इनमें से पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस आतंकी हमले के पीछे हिजबुल मुजाहिद्दीन का हाथ है। ग्रेनेड फेकने वाले आतंकी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसका नाम यासिर जावेद भट्ट है। चश्मदीद ने कहा, ‘‘जिस समय धमाका हुआ, मुझे लगा कोई टायर फट गया है। यह बहुत तेज धमाका था।’’सवाल ये उठता है कि क्या यासीन को जम्मू भेजने का एलान   करना और जम्मू  ब्लास्ट होने में कोई कनेक्शन है ? यद्दपि इसकी जांच करना एजेंसियों का कार्य है लेकिन ताजा समाचार मिलने तक इस ब्लास्ट में एक नागरिक के मरने और कई अन्य के घायल होने की सूचना है .


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