अगला निशाना क्या है मोदी सरकार का, इसे बताया राम माधव जी ने.. वो भी समय के साथ


जम्मू कश्मीर राज्य से धारा 370 हटाना.. ये वो वादा था तो जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक के मेनीफेस्टो तथा एजेंडे में प्रमुखता से रहा तथा 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने अपना ये वादा पूरा किया तथा धारा 370 को हटा दिया. धारा 370 हटाए जाने के बाद मोदी सरकार का अगला मिशन क्या है, इसपर बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव राम्माधाव ने बड़ा बयान दिया है. राम माधव ने कहा कि अगले तीन-चार साल में नरेंद्र मोदी की सरकार वह सारे काम पूरा कर लेगी जो उन्होंने देश की जनता से वादा किया है.

बीजेपी महासचिव राम माधव ने कहा है कि पार्टी का कोई भी वादा अधूरा नहीं रहेगा. इसके बाद हमें नए काम करने होंगे जो देश को विकास के रास्ते पर ले जाएंगे. अगले 3-4 साल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) भी ले आएगी. एक न्यूज़ चैनल से बातचीत में राम माधव ने कहा कि कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से करीब तीन बार पूछा है कि आप समान नागरिक संहिता कब ला रहे हैं. मोदी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है. इस सरकार ने जो भी वादे किए थे वो एक-एक कर के पूरा कर रही है.

राम माधव ने कहा कि जहां तक राम मंदिर और समान नागरिक संहिता की बात रही, तो ये दोनों वादे भी तीन-चार साल में पूरे कर लिए जाएंगे. इनके साथ ही मोदी सरकार वह सारे वादे पूरे करेगी जो उसने देश की जनता से किए थे. जब सारे वादे पूरे हो जाएंगे तब मोदी सरकार नए काम करेगी, जिससे देश का विकास होगा. क्या पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) भाजपा के एजेंडे में है? इस प्रश्न के उत्तर में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने कहा कि ये बात तो सब जानते ही हैं कि पाक अधिकृत कश्मीर मतलब पाकिस्तान ने भारत के उस हिस्से पर कब्जा कर रखा है. वो है तो भारत का ही अभिन्न हिस्सा. पाक अधिकृत कश्मीर जम्मू-कश्मीर का हिस्सा है. इसे लेकर किसी के मन में कोई दुविधा नहीं है.

क्या केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास होगा? इस सवाल के जवाब में राम माधव ने कहा कि अब तक जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए केंद्र से जारी होने वाला पैसा अंतिम व्यक्ति (लाभार्थी) तक नहीं पहुंचता था. लेकिन अब पहुंचेगा. वहां हो रहे विकास कार्यों का लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा. केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में पंचायत चुनाव करवाए. वहां के सभी पंचायतों को केंद्र से सीधे पैसा पहुंच रहा है. इन पैसों का उपयोग वहां की पंचायतें विकास कार्यों में कर रही हैं. अब सीधे केंद्र की निगरानी में जम्मू-कश्मीर का विकास किया जाएगा.

उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्होंने वहां तिरंगा लहराया है. लेकिन उन्हें हिरासत में क्यों रखा गया है? इस सवाल पर राम माधव बोले कि जब बात तिरंगा लहराने की होती है, तो वह हर भारतीय का फर्ज है कि वह तिरंगा लहराए. इसमें उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने कुछ नया नहीं किया. उनका फर्ज है कि वे तिरंगा लहराएं. जहां तक बात है उन्हें हिरासत में रखने की तो यह कदम सुरक्षा के लिहाज से जरूरी था. घाटी का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रिवेंटिव डिटेंशन (नजरबंदी) किया जाता है. इसीलिए केंद्र सरकार ने यह फैसला लिया.


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