पहले सैनिको पर बरसते थे पत्थर, अब बरसना शुरू हुए ट्रेनों पर.. दिक्कत “वन्दे मातरम” से थी, ये तो “वन्दे भारत” है

अंदाज़ ठीक वही है जो कश्मीर में हुआ करता है . वहां भी हमारे सैनिको को घेर कर पत्थर मारा जाता है और कोई उन्हें बताता है कि ये नेक काम है . लेकिन अब ठीक वही अंदाज़ शुरू हो गया है देश के अन्दर चल रही ट्रेन के खिलाफ . एक वर्ग विशेष के कुछ लोगों को राष्ट्रभक्ति के नारे वन्देमातरम से दिक्कत है और वो यहाँ तक कहते हैं कि वन्देमातरम वो किसी भी हाल में नहीं कहेंगे . पर अब एक और समस्या है और वो समस्या है नई सुपर हाई स्पीड ट्रेन वन्दे भारत पर बार बार हो रही पत्थरबाजी .

अब सवाल तो बनता ही है कि वो कौन है जो निशाने पर ले रहा है वन्देभारत नाम की उस ट्रेन को जो देश को ले जा रही है जापान और चीन के ट्रेनों की स्थिति के तरफ . समस्या ट्रेन से है या ट्रेन के नाम से ये भी सवाल बनता है . और संदेह इसलिए भी पैदा होता है क्योकि पत्थरबाजी का अंदाज़ ठीक वैसे ही है जैसे कश्मीर में भारत के सैनिको पर पत्थर मारे जाते हैं . सैनिक और रेल दोनों ही भारत की धरोहर हैं और उनसे किसी को दिक्कत क्यों है ये सवाल आज समझना और सुलझाना बहुत जरूरी हो चुका है .

ध्यान देने योग्य है कि ट्रेन 18 यानी वंदे भारत एक्सप्रेस पर ट्रायल रन के दौरान एक बार फिर पथराव हुआ है. ये घटना ट्रेन के शकूरबस्ती से रवाना होने के बाद हुई. ट्रेन प्रयागराज तक अपने ट्रायल रन को शुरू करने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की ओर रवाना हुई थी. रेलवे ने मुताबिक, इस घटना में कोई भी जख्मी नहीं हुआ है. इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं हुई है. करीब एक महीने पहले भी ट्रेन 18 पर पथराव की घटना सामने आई थी. उत्तर रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर सुरक्षा दल ने ट्रेन पर पथराव की होने की सूचना दी. डीएलटी (दिल्ली लाहौरी गेट) पोस्ट के तहत सदर इलाके के पास ट्रेन के दूसरे डिब्बे को पत्थर लगा है. उन्होंने बताया कि टी-18 में मौजूद रेल कर्मी ने सुरक्षा दल को सूचना दी कि कोच संख्या 188320 की खिड़की के शीशे पर पत्थर मारा गया है.

 

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