एक रात में ही मर जाती हैं 35 गायें वो भी पवित्र तीर्थ प्रयागराज में. प्रशासन में वो कौन है जो गिरा रहा योगी की साख

पिछले लोकसभा चुनावों में जिस प्रकार से विपक्ष ने छुट्टा सांडो आदि को मुद्दे को प्राथमिकता में रख कर योगी सरकार को घेरना चाहा और उसी बहाने अपने लिए वोटों की आशा की थी वो पूरी तरह से जनता द्वारा अस्वीकार कर दिया गया और उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत दिलाते हुए ये साबित कर दिया था कि उत्तर प्रदेश की जनता योगी आदित्यनाथ द्वारा गौ रक्षा और गौ संवर्धन आदि के कार्यों से काफी ख़ुश और संतुष्ट है और विपक्ष के आरोपों में जनता को दम नहीं दिखा .

एक योगी होने के नाते गौ माता निश्चित रूप से मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में होगी .. उनके खुद के गोरखनाथ मन्दिर में बड़ी गौ शाळा है जिसमे गायों की सेवा उनकी दिनचर्या रही है और आज भी प्रवास के दौरान है .. लेकिन अचानक ही उनके शासित एक जिले में एक साथ 35 गायें मृत पाई जाएँ तो उनके प्रशासन के ऊपर सवाल जरूर बनेगा .. इतना तो जरूर पूछा जाएगा कि आखिर किस ने मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं को जरा सा भी गम्भीरता से नहीं लिया और बन बैठा परोक्ष रूप से गायो की मौत का दोषी ..

ये विषय है जनपद प्रयागराज को जो अभी हाल में ही गाय , गंगा , गीता आदि के नारों के साथ कुम्भ के लिए चर्चा में रहा.. इसके साथ ये जनपद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या की कर्मभूमि भी है जो छात्र जीवन में गौ रक्षा के लिए काफी विख्यात रहे हैं .. साथ ही यहाँ से प्रदेश सरकार में अन्य मंत्री भी है .. फिर भी यहाँ ऐसी लापरवाही ये साफ साफ साबित करती है कि प्रशासन को शासन के निर्देशों की जरा सा भी चिंता नहीं है और वो गाय या गंगा आदि को अपनी लिस्ट में सबसे नीचे रखता है .

ध्यान देने योग्य है कि हर किसी को झकझोर देने वाली एक घटना में प्रयागराज जिले के बहादुरपुर में कंडी गांव में शुक्रवार को 35 गायों के शव मिले जिसके बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। यह घटना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अधिकारियों को गोशालाओं की आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने व जानवरों को सुरक्षित रखने के लिए सभी तरह की सुविधाएं प्रदान करने के निर्देश देने के कुछ दिनों बाद सामने आई है..  लेकिन एक साथ एक समय में इतनी गायों का काल के गाल में जाना किसी बड़ी   साजिश की  तरफ इशारा भी करता है ..

गौशाला के अंदर की तस्वीरें बेहद हैरान करने वाली हैं, जिनमें मृत गायों को गड्ढे में धकेलकर पाटा जा रहा है. जिंदा गायों को इलाज के बजाय उनपर चादर डाल दी गई है. लेकिन जिलाधिकारी प्रयागराज को इन गायों की मौत आकाशीय बिजली दिख रही है. जिला मजिस्ट्रेट भानू चंद्र गोस्वामी ने संवाददाताओं से कहा, “हम मानते हैं कि बिजली गिरने से मवेशियों की मौत हुई है। यद्दपि उनका ये कहना किसी प्रत्यक्षदर्शी के गले नहीं उतर रहा है ..

फूलपुर विधानसभा क्षेत्र में बहादुरपुर ब्लाक के कांदी गांव में भी 19 जनवरी 2019 को एक अस्थायी गौशाला का निर्माण तालाब की पांच बीघे दस विस्वा जमीन पर कराया गया है. दो दिनों से हो रही लगातार बारिश सो गौशाला में काफी जल भराव हो गया है और गुरुवार को लोगों को यह जानकारी मिली की गौशाला में 35 गायों की मौत हो गयी है. देखभाल के लिए वहां पर कोई भी उचित इंतजाम नहीं थे. हैरानी की बात तो यह थी की जिस जगह पर गौशाला बनाई गई, वह पहले तालाब था ..

इसी तालाब को बाद में ग्राम प्रधान ने गौशाला के रूप में परिवर्तित कर दिया. अब सवाल ये उठता है कि क्या इतनी गायो की मौत के रहस्य को उसी प्रकार से प्रयागराज प्रशासन द्वारा दफना दिया जाएगा जैसे उन्होंने एक साथ इतनी गायें दफना दी . क्या प्रशासन में ही कोई ऐसा भी है जो योगी आदित्यनाथ की छवि का शत्रु बना हुआ है .. क्या कोई ऐसा भी है जो अपनी तरफ से विपक्ष को हथियार देने की जुगत में लगा हुआ है सरकार के खिलाफ .. यकीनन योगी शासन को इन तमाम सवालों के जवाब तलाशने ही होंगे ..

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