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वो डरा हुआ होता तो सीधे पुलिस से फोन करके क्या ये कहता कि- “अहमद को पकड़ कर ठीक नहीं किया”


कथित बुद्धिजीवी तथा सेक्यूलर अक्सर किसी न किसी बहाने से ये ये राग अलापते रहते हैं कि देश में लोकतंत्र तथा सैन्वैधानिक मूल्यों को खतरा है, देश में मुसलमानों को डराया जा रहा है, उन्हें धमकाया जा रहा है, प्रताड़ित किया जा रहा है. यही कारण था कि 2019 के लोकसभा चुनावों में बंपार जीत के बाद जब पीएम मोदी ने अपने नवनिर्वाचित सांसदों को संबोधित किया तो उसमें उनके द्वारा कही गई एक बात ने सबसे ज्यादा सुर्खियाँ बटोरीं. मुस्लिमों के लिए गढ़े गये इसी कथित डर को लेकर पीएम मोदी ने कहा था कि अब उनको देश के अल्प्संखयक(मुस्लिम) समाज का विश्वास जीतना है.

लेकिन अगर वो डरा हुआ होता तो पुलिस को फोन करके नहीं कहता कि तुमने अहमद को पकड़ कर ठीक नहीं दिया. मामला देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई का है जहाँ मुंबई पुलिस ने एक्स्टोर्शन के मामले में गुरुवार को रिजवान को गिरफ्तार किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले बिल्डर, चीन और दुबई से इलेक्‍ट्रॉनिक की वस्तुएं आयात करने वाले व्यवसाइयों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. अश्फाक रफीक टॉवलवाला और एक व्यवसायी ने मिल कर एक बिजनस शुरू किया था. बिजनस तो नहीं चला साथ ही व्यसायी का काफी पैसा भी इसमें चला गया.

व्यवसायी ने अश्फाक से बिजनस के 15 लाख रूपये मांगे लेकिन अश्फाक देने में आनाकानी करता था. लेकिन जब व्यापारी ने इस रकम के लिए अश्फाक पर बहुत दबाव डाला, तो टॉवेलवाला ने अहमद अफरोज वडारिया से संपर्क किया, जो उस समय दुबई में था. वडारिया ने यह बात दाऊद के भतीजे रिजवान को बताई. रिजवान ने फहीम मचमच से संपर्क किया. फहीम मचमच ने फिर एक धमकी भरा वाट्सऐप ऑडियो बनाया. वह रिजवान, वडारिया के जरिए टॉवेलवाला को भेजा. टॉवेलवाला ने अपने पार्टनर व्यापारी के पास जाकर इसे सुनाया और फिर अपने मोबाइल से इसे डिलीट कर दिया. इसी तरह से एक दिन नशे में फहीम मचमच ने शिकायतकर्ता व्यापारी को धमकी भरा फोन कर दिया और उससे टॉवेलवाला से 15 लाख रुपये नहीं लेने की बात कही. इससे डर कर व्यापारी ने क्राइम ब्रांच से शिकायत किया.

इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि व्यापरी को जो धमकी भरा फोन आया था वह दुबई से आया था. साथ ही पुलिस को इस बात का भी पता चला कि फोन फहीम मचमच ने नहीं बल्कि अहमद ने किया था. साथ ही पुलिस को इसका भी पता चला कि अहमद 2 दिन बाद दुबई से मुंबई आने वाला है. इसके बाद मुंबई आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अहमद की गिरफ्तारी के बाद से रिजवान कासकर भी डर गया. अपने ऊपर होने वाली किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए वह दुबई जाने के लिए जैसे ही एयरपोर्ट पहुंचा उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

इसके अलावा पुलिस ने तीसरे आरोपी अश्फाक जिसे डोंगरी से गिरफ्तार किया. गिरफ्तार तीनों आरोपियों को 22 जुलाई तक पुलिस की कस्टडी में भेज दिया गया है. पुलिस से जुड़े एक सूत्र के अनुसार जब अहमद वधारिया की गिरफ्तारी के बाद जब शिकायतकर्ता व्यापारी से पुलिस पूछताछ कर रही थी तभी पुलिस के सामने ही उसके मोबाइल पर एक प्राइवेट नंबर से फोन आया. जब व्यापारी ने फोन उठाया तो फोन करने वाले ने धमकी देते हुए कहा कि, ‘तूने अहमद को गिरफ्तार करवा कर अच्छा नहीं किया. इसका अंजाम बहुत बुरा होगा.’ इतना कह कर फोन करने वाले ने फोन काट दिया.

अब पुलिस इस बात का भी पता कर रही है कि आखिर फोन किसने किया था और कहाँ से आया था. सूत्र ने यह भी बताया कि 13 जून के दिन अहमद ने पहली बात व्यापरी को जो वोइस रिकॉर्डिंग भेजा था, उसमे उसने कहा था कि अगर उसने फहीम भाई का फोन नहीं उठाया तो उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ेगा. इसी तरह से अनेक रिकार्डिंग व्यापारी को भेजे गये थे जो अभी भी व्पायारी और हमद के फोन के रिकॉर्ड में है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है.


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