सिर्फ उन्नाव पर ही अतिसक्रिय लोगों को बुला रही बलात्कार के खिलाफ आवाज उठा कर अत्याचार झेल रही केरल की नन लूसी.. बलात्कारी बिशप फ्रेंको के खिलाफ बोलना क्या दिन दिखा रहा उन्हें ?

न्याय के 2 रूप जहाँ भी हो जाया करते हैं वहीँ पर न्याय की मांग उठाने वालो की मंशा पर सवाल उठाना शुरू हो जाता है . वो न्याय जो केवल धर्म या जाति के साथ पार्टी आदि को देख कर माँगा जाय तो निष्पक्ष नहीं कहा जा सकता है . उन्नाव की पीडिता के साथ जो लोग अपने प्रदेशो को छोड़ कर भी खड़े हो गये है उनमे से कोई एक भी क्यों नहीं साथ दे रहा है केरल की उस बहादुर नन का जिसने बलात्कारी बिशप फ्रेंको को कटघरे में खड़ा करने के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया है .

ध्यान देने योग्य है कि ईसाइयों की धर्मसभा कही जाने वाली सिस्कन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रेगेशन (एफसीसी) ने 53 वर्षीय नन को बर्खास्त करने का फैसला कर लिया है . इस बेचारी का दोष मात्र इतना है कि उसने बलात्कारी बिशप फ्रैंको के खिलाफ तमाम दबाव व प्रलोभन को ठुकरा दिया और न्याय की लड़ाई में पीछे हटने से मना कर दिया .. अब तो सीधे सीधे लूसी की जीवनशैली पर ही सवाल उठाये जाने लगे हैं जबकि उनका दोष मात्र सच का साथ देना भर कहा जा रहा है ..

हैरानी की बात ये है कि नन के खिलाफ लगे तमाम आरोपों में खुद को धर्म सभा कहनी वाली FCC ने ये भी आरोप लगाया है कि नन ने कार चलाना क्यों सीखा और नन ने लोन पर कार क्यों लिया ? इतना ही नहीं , अपनी कविताओं को प्रकाशित करवाना भी एक दोष मान लिया गया है नन का जबकि वो उनकी प्रतिभा थी ..  कन्नूर की रहने वाली लूसी कलापुरा एक चर्च-संचालित सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल की टीचर हैं और वायनाड के कारिकमला गांव में एफसीसी कॉन्वेंट की सदस्य भी थीं.

पिछले साल, वे बिशप फ्रैंको मुलक्कल की गिरफ्तारी की मांग कर रहीं नन्स के आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थीं.बिशप फ्रैंको मुलक्कल पर जालंधर स्थित मिशनरी ऑफ जीजस से एक नन के कथित बलात्कार का आरोप लगा है. यह मामला जब सामने आया तो लूसी ने खुलकर बिशप का विरोध किया था और टीवी शो में भी शामिल हुई थीं. एफसीसी नन लूसी कलापुरा के इन कामों को अपने नियमों के विरोध मानता है और इसलिए एक पीड़ित के विरोध में आवाज उठाना अब नन लूसी को भारी पड़ गया है.  लेकिन उन्नाव मामले में भी अपनी सक्रियता दिखाने वाली स्वाति मालीवाल और राष्ट्रीय महिला आयोग आदि के साथ तमाम विपक्षी पार्टी की नेत्रियो में से कोई भी अब तक अकेले संघर्ष कर रही इस नन के साथ खड़ा होता नहीं दिखाई दे रहा है ..


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