सम्मानित होंगे वो सभी सांसद जिन्होंने शपथ ली थी देवताओं की वाणी संस्कृत में

2019 के लोकसभा चुनावों में चुनकर आये जिन 47 सांसदों ने देववाणी संस्कृत में शपथ ली थी, उन सभी सांसदों को विशेष सम्मान से सम्मानित किया जाएगा. संस्कृत भारती नामक आध्यात्मिक संस्था उन सभी 47 लोकसभा सांसदों को सम्मानित करेगी जिन्होंने देववाणी संस्कृत भाषा में शपथ ली थी. बता दें कि  संस्कृत भारती संस्था देश भर में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए काम करती है.

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संस्कृत भारती के दिल्ली प्रांत के मंत्री कौशल किशोर तिवारी ने बताया, ‘संस्था के प्रयासों से पहली बार इतनी बड़ी संख्या (47) में सांसदों ने संस्कृत भाषा में शपथ ली है. इसलिए संस्था ने इन सभी सांसदों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है, ताकि और भी लोग संस्कृत की तरफ प्रेरित हों.’ तिवारी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने पिछली बार भी संस्कृत में शपथ लिया था, और इस बार भी उन्होंने संस्कृत में शपथ लिया है, इसलिए संस्था उन्हें विशेष रूप से सम्मानित करेगी.

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तिवारी ने कहा कि समारोह में उन सांसदों को भी आमंत्रित किया गया है, जिन्होंने इसके पहले संस्कृत में शपथ लिया था, जिसमें पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी शामिल हैं. तिवारी ने कहा कि संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. भक्त वत्सल और राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कामत समारोह में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे. बता दें कि कि 17वीं लोकसभा में हिंदी में करीब 210, अंग्रेजी में करीब 54 और संस्कृत में 47 सांसदों ने शपथ ली थी. संस्कृत में शपथ लेने वालों में प्रमुख रूप से डॉ. हर्षवर्धन, अश्विनी चौबे, प्रताप सारंगी, साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, श्रीपद येशो नाईक, मीनाक्षी लेखी, रमेश चंद्र बिधूड़ी, सीआर पाटील, वीरेंद्र सिंह, साक्षी महाराज और निशिकांत दूबे शामिल हैं.

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