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कश्मीरी आतंकियों और पत्थरबाजो को सता रहा योगी का खौफ.. जानिये क्या कनेक्शन है उनका UP के मुख्यमंत्री से ?

कश्मीरी आतंकियों और पत्थरबाजो के हौसले पस्त करने के लिए गृहमंत्रालय ने जो व्यापक रणनीति बनाई है उसी में से एक रणनीति बेहद कारगर है . आतंकियों और पत्थरबाजो के खिलाफ तमाम एक्शन में एक एक्शन ये भी है कि अपने गृह जनपद की जेलों में आराम से रहने वाले आतंकियों और पत्थरबाजो को अब उनके घरो से बहुत दूर यहाँ तक कि कई प्रदेश पार करवा कर दूसरे प्रदेशो की जेलों में भेजा जा रहा है .. उसमे से सबसे ज्यादा आतंकी भेजे गये हैं उत्तर प्रदेश की जेलों में.

कश्मीर के स्थानीय सूत्रों के अनुसार असामाजिक तत्वों , आतंकियों और पत्थरबाजो में योगी आदित्यनाथ का नाम एक खौफ के रूप में समाया है क्योकि कोई भी आतंकी कम से कम उत्तर प्रदेश की जेल में नहीं आना चाह रहा है . अब तक धारा 370 की आड़ में शरण लेने वाले आतंकियों ने कभी सोचा भी नहीं था कि उसको प्रदेश की जेलों से बाहर भी जाना पड़ सकता है पर ऐसा हो रहा है अब.. पत्थरबाजो के माता पिता भी अब अपने बच्चो को ये कह कर रोक रहे हैं कि UP की जेल में भेज दिया जाएगा तू अगर पकड़ा गया तो .

जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के बाद हिरासत में लिए गए लगभग 285 लोगों को उत्तर प्रदेश की जेलों में रखा गया है. घाटी के कई लोग अपने करीबियों से मिलने के लिए यूपी पहुंच रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अकेले आगरा में 5 अगस्त को 29 लोगों का नवीनतम बैच स्थानांतरित कर दिया गया था.  वर्तमान में 85 कैदी आगरा सेंट्रल जेल में बंद हैं. कैदियों को उच्च-के तहत रख आगया है. उनके परिवारों को उचित सत्यापन के बाद आने वाले हफ्तों में उनसे मिलने की अनुमति दी जाएगी”.

बताया ये जा रहा है कि इन कैदियों में अधिकांश कैदियों की उम्र 18 से 45 के बीच है, जबकि कुछ की उम्र 50 से अधिक है. हिरासत में लिए गए लोगों में एनसी और PDP के नेता, कॉलेज के छात्र, पीएचडी उम्मीदवार, शिक्षक और शीर्ष व्यवसायी शामिल हैं. इन सभी के परिजनों ने इनकी जमानत आदि के प्रयास तेज कर दिए हैं क्योकि उनके ये यहाँ का माहौल एकदम नया जैसा है.. आतंकी किसी भी हाल में उत्तर प्रदेश की जेलों में नहीं जाना चाह रहे हैं और इसको लिए वो अपने स्तर से हर सम्भव प्रयास कर रहे .

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