माफिया मुख़्तार को ऐसे नहीं छोड़ने वाली योगी सरकार.. जा रही है हाईकोर्ट

दिन दहाड़े गोलियों से भून दिए गये कृष्णानंद राय के मामले में जिस प्रकार से अदालत ने अचानक ही ऐसा फैसला सुनाया जिसमे दुर्दांत माफिया मुख़्तार अंसारी बरी हो गया उसको कोई भी अपने गले उतार नहीं पा रहा है . उस हत्याकांड ने हर किसी को हिला कर रख दिया था और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरजी उन गोलियों की गूँज सीधे दिल्ली के सिंहासन तक सुनाई दी थी .

मुख़्तार अंसारी ने उसके बाद भी कई चुनाव लड़े और मऊ से जीता भी लेकिन कृष्णानंद राय के खिलाफ किया गया उसका दुस्साहसिक कृत्य उसका साथ और पीछा नहीं छोड़ा . कृष्णानंद राय की पत्नी अलका राय ने अपने पति को मरणोपरांत न्याय दिलाने के लिए एक लम्बी लड़ाई लड़ी जबकि कई बार हालात उनके सीधे विरोध में रहे .इस बीच विपक्ष की कुछ पार्टियों ने मुख़्तार को इस अंदाज़ में लगे लगाने के लिए उत्सुकता दिखाई जैसे उसने को बहुत महान काम किया हो लेकिन तथाकथित सेकुलरिज्म के शोर में उनका ये कृत्य धर्मनिरपेक्षता का पैमाना मान लिया गया था ..

अब योगी सरकार ने मुख़्तार अंसारी को उसके किये की सजा दिलाने के लिए और आगे जाने का फैसला किया है . योगी सरकार विशेष CBI अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने जा रही है जहाँ इस केस के कानूनी पहलुओं को हाईकोर्ट के आगे रख कर मुख़्तार अंसारी को सजा दिलाने के प्रयास सरकारी स्तर पर किये जायेंगे . योगी सरकार के इस कदम के बाद अपराध जगत में हलचल मची हुई है क्योकि अब तक अक्सर एक अदालत द्वारा आये फैसले के बाद अपराधी का पीछा कई लोग छोड़ दिया करते थे .

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