बिशपों पर लग रहे बलात्कार के आरोपों के बीच बोले ईसाइयो ने पोप – ‘सेक्स गॉड का दिया अनमोल तोहफा”

भारत में जिस प्रकार से एक के बाद एक बिशप और चर्च बलात्कार की घटनाओं से चर्चा में आ रहे हैं वो इन चर्चो और उसको चलाने वाले बिशपो के बारे में लोगों की सोच को बदल रहा है . ये वो सत्य था जिसको हिन्दू साधू संतों के अंध विरोध में कभी दिखाया नहीं गया था लेकिन आख़िरकार सरकार से मिले साहस के बाद सत्य सामने आ रहा है भले ही कुछ गिने चुने मीडिया के वर्ग के माध्यम से ही सही .

ध्यान देने योग्य है कि इन बलात्कारी बिशपों के बारे में दुनिया भर के तमाम लोगों को ईसईयो के पोप के बयान की प्रतीक्षा थी और वो बयान अंत में आ ही गया है . अब दुनिया इस बयान का अर्थ निकालने में लगी है कि ये बयान उन बलात्कारी बिशपो के पक्ष में है या उनकी खिलाफत के रूप में .  पोप ने युवा फ्रेंच कैथोलिकों के एक भाषण में मानव कामुकता की सराहना की है और अश्लील साहित्य को अस्वीकार कर दिया। पिछले हफ्ते, उन्होंने कहा कि शैतान कैथोलिक बिशपों पर हमला करने का प्रयास कर रहा है ताकि चर्च को चकित करने वाले यौन स्कैनडल के झुंड के जवाब में “लोगों को अपमानित कर सकें। कैथोलिक समाचार वेबसाइट क्रूक्स के मुताबिक, पोप फ्रांसिस ने फ्रांस में एक श्रोताओं को बताया कि सेक्स भगवान का उपहार है दोनों आध्यात्मिक और शारीरिक आयामों में प्यार व्यक्त करते हैं।

पोप ने सोमवार को ग्रेनोबल-विएने के बिशप में युवा कैथोलिकों को बताया कि एक पुरुष और महिला के बीच वैवाहिक यौन संबंध “एक उपहार है जो गॉड हमें देता है” उसने कहा कि मानव कामुकता डिज़ाइन की गई है ताकि जोड़े एक-दूसरे से प्यार कर सकें और जीवन बना सकें । “यह जुनून है, यह भावुक प्यार है। सच्चा प्यार और भावुक है,” । पोंटिफ़ ने स्वीकार किया कि मानव कमजोरी या आध्यात्मिक असफलताओं से लोगों को अपनी कामुकता को इस तरह से व्यक्त किया जा सकता है कि “प्यार से अलग हो और मनोरंजन के लिए इस्तेमाल किया जाए”, दावा करते हुए कि यह “बहुत ही सुंदर तरीका” का मुकाबला करने का इरादा रखता है।

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