ईवीएम पर लगे आरोपों से चुनाव आयोग सख्त, सभी राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेगा EC

निर्वाचक आयोग ने ईवीएम मशीन पर लगे छेड़छाड के आरोपो को देखते हुए 12 मई को सर्वदलीय बैठक रखी है।  पिछले विधानसभा चुनावों में ईवीएम मशीन को लेकर विपक्षी पार्टियों ने कई सवाल खड़े किए. कुछ चुनावी पार्टियों ने तो ईवीएम को ही जीत की वजह बता दी.

12 मई को सर्वदलीय बैठक बुलाई….

पिछले दिनो विधानसभा चुनावों में ईवीएम मशीन को लेकर कुछ पार्टियों में बहुत वाद विवाद चला। और इसी मामले को लेकर 12 मई को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार,. ईवीएम मशीनों को लेकर सबसे पहले उत्तर प्रदेश के चुनाव के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा हमला बोला था। उन्होंने चुनाव के नतीजों को सिरे से खारिज करते हुए ईवीएम मशीनों से छेड़खानी की बात कही थी। उन्होंने इसके लिए चुनाव आयोग को बकायदा पत्र लिखा था। और चुनाव रिज्लट को रद कराने की बात पत्र मे लिखी। और चुनाव दोबारा कराने की बात कही।  

ईवीएम के साथ नहीं की जा सकती छेड़छाड़

सूत्रों की जानकारी के मुताबिक, कार्यकारिणी में सभी पार्टीयो को  भरोसा दिलाया जाएगा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है. पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के बाद कई विपक्षी दलों ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ईवीएम पर बहुत से सवाल खडे  किये थे। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने उनका समर्थन करते हुए ईवीएम से छेड़छाड़ की जांच की मांग की थी और उन्हें ईवीएम के बजाय जनता और अपने काम पर ध्यान देने का आग्रह किया था.
सूत्रों के मुताबिक , निर्वाचन आयोग ईवीएम से जुड़े संदेहों को दूर करने के लिए आरोप लगाने वालों को ईवीएम हैक करने की खुली चुनौती देने पर भी विचार कर रहा है.

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