प्रिंयका गांधी बोलीं, पति के ‘अवैध धन’ से नहीं, अपने पैसे से खरीदी जमीन

नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा ने हरियाणा में स्काईलाइट और डीएलएफ कम्पनियों द्वारा अवैध तरीके से जमीन हड़पने का आरोप लगाया गया है। वाड्रा ने साल 2008 में हरियाणा में एक लैंड डील से गैरकानूनी रूप से 50. 50 करोड़ रुपये से ज्यादा मुनाफा का आरोप लगा है। यह भी कहा जा रहा है कि उस लैंड डील में उनका एक पैसा भी खर्च नहीं हुआ था। 
इस मामले में एक बयान जारी करते हुए वाड्रा का कहना है कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप एक सोची- समझी रणनीति का एक हिस्सा है। आपको बता दें कि ढींगरा कमीशन का गठन मई 2015 में हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार के द्वारा किया गया था। प्रियंका की ओर से बताया गया है कि हरियाणा में खरीदी गई जमीन के लिए पैसा खुद भरा है और इस पैसे का उनके पति या स्काईलाइट और डीएलएफ कंपनी से कोई संबंध नहीं है। 
28 अप्रैल, 2006 को उन्होंने 5 एकड़ जमीन हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अमीपुर गांव में खरीदी थी। इसके लिए 15 लाख रुपये का भुगतान चेक से किया गया था। प्रियंका गांधी ने इसके लिए जरूरी 4% सरकारी शुल्क चुकाया था, जो कि जमीन की कीमत के मुताबिक 60 हजार रुपये था। ये सौदा स्काइलाइट हॉस्प‍िटैलिटी के कथित जमीन सौदे से 6 साल पहले हुआ था। बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि जमीन खरीदने के लिए प्रियंका ने दादी इंदिरा गांधी से विरासत में मिली संपत्ति के किराए की आय का इस्तेमाल किया था। 
वहीं, जस्टिस एस एन ढ़ीगरा कमिशन इस मामले से ताल्लूक रखने वाले लोगों ने उसके ब्योरे के बारे में ईटी को जानकारी दी है। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने कमिशन के हवाले से कहा कि वाड्रा की कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए तोलमोल किया गया है। आयोग ने वाड्रा को स्काईलाइट और डीएलएफ कपनियों की ओर से खरीदी गई प्रॉपर्टीज की जांच करने को कहा है। 
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