लेनिन की मूर्ति गिराए जाने पर मचे बबाल के बीच तसलीमा नसरीन ने साधा कट्टरपंथियों पर निशाना…जानिए क्या कहा बांग्लादेशी लेखिका ने?

त्रिपुरा विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने दो तिहाई बहुमत से शानदार जीत हासिल की है व पिछले 25 साल से माणिक सरकार के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार का किला ढहा दिया है. राज्य में पार्टी की जोरदार जीत से पार्टी समर्थक काफे उत्साहित हैं तथा इसी उत्साह के बीच त्रिपुरा के बेलोनिया शहर में स्थित रूसी मार्क्सवादी नेता व्लादिमीर लेनिन की मूर्ती को एक बुलडोजर से ढहा दिया तथा मूर्ती गिराते समय भारतमाता की जय के नारे लगाये.

लेनिन की मूर्ती गिराए जाने के बाद देश की राजनीति में तूफान आ गया है तथा सभी पार्टियाँ बीजेपी की आलोचना कर रही हैं. वहीं बीजेपी के नेताओं का कहना है कि पिछले 25 साल से वाम सरकार के दमन के शिकार लोगों के आक्रोश के कारण लेनिन की मूर्ती गिराई गयी है. वामपंथी पार्टियों ने पूरेस देश में बीजेपी क खिलाफ आन्दोलन का ऐलान कर दिया है. इसी बीच हमेशा कट्टरपंथ के खिलाफ आवाज उठाने वाली भारत में रह रहीं बांग्लादेश की लेखिका तसलीमा त्न्स्रीन ने भी इस पर अपनी राय रखी है.

तस्लीमा नसरीन ने मूर्ति तोड़ने के मुद्दे पर मुस्लिम कट्टरपंथियों पर निशाना साधा है. अपने एक ट्वीट में तस्लीमा नसरीन ने कहा कि मुस्लिम कट्टरपंथियों ने मूर्तियां तोड़ी, मुहम्मद ने काबा में 360 मूर्तियां तोड़ी थी. आईएसआईएस ने इराक और सीरिया में मूर्तियां और स्मारक तोड़े हैं. तालिबान ने बामियान बुद्धा को तोड़ा, जमात-ए-इस्लामी ने बांग्लादेश में लालोन की प्रतिमा तोड़ी. जो लोग लेनिन की मूर्ती तोड़े जाने पर बबाल काट रहे हैं उनका तो इतिहास ही विरोधी विचारधारा को नष्ट करने उनके स्मारक, मूर्तियों आदि को तोड़ने का रहा है.

इसके बाद तसलीमा नसरीन ने और ट्वीट में लिखा ‘आपको भविष्य का निर्माण करने के लिए अपने भूतकाल को तबाह करने की जरुरत नहीं है. अगर आप सचमुच बेहतर भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले नफरत को खत्म करना होगा. सब जानते हैं कि तस्लीमा नसरीन इससे पहले भी कई बार कट्टरपंथियों की आलोचना कर चुकी हैं. अपनी बेबाक राय के कारण तस्लीमा नसरीन अक्सर कट्टरपंथियों के निशाने पर रहती हैं.

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