इधर पीटे जा रहे थे तथाकथित सेक्यूलरिज्म के ढोल, उधर हिजबुल आतंकी कश्मीर के बाद असम तक से हुए गिरफ्तार

भारत की तथाकथित सेक्यूलर राजनीति देश को किस दिशा में ले जा रही है, देश का कितना नुकसान कर रही है, इसके नित नये उदाहरण सामने आ रहे हैं, कभी रोहिंग्या आक्रान्ताओं का कहर तो कभी बंगलादेशी घुसपैठियों का संक्रमण देश को लगातार तबाह कर रहा है लेकिन इसके बाद देश के तथाकथित सेक्यूलर राजनेता तथा बुद्धिजीवी इस छद्म धर्मनिरपेक्षता का ढोल लगातार पीटे जा रहे हैं.

इसी सेक्यूलर राजनैतिक सोच का ही दुष्परिणाम है कि पिछले कुछ समय से लगातार इस्लामिक आतंकी दल हिजबुल के आतंकी देश के विभिन्न कोनों से पकड़े जा रहे हैं. हाल ही में उत्तर प्रदेश के कानपुर के हिजबुल का आतंकी पकड़ा गया था जिससे पूंछताछ में पता  चला था कि वह गणेश चतुर्थी के पावन पर्व आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए आया था लेकिन उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया. अब ताजा मामला पूर्वोत्तर के राज्य असम से है जहाँ आतंकी कमरुज्जमा के मददगार को गिरफ्तार किया गया है. खबर के मुताबिक़, आतंकी कमरुज्जमा को स्मार्ट फोन और सिम कार्ड अपने दस्तावेजों से खरीद कर उपलब्ध कराने वाले युवक शाहनवाज को असम में गिरफ्तार कर लिया गया. शाहनवाज लम्बे समय से कमरुज्जमा के साथ था और उसके असम से जाने के बाद मदद करता रहता था. कमरुज्जमा से पूछताछ में यह बात सामने आने के बाद उसे एटीएस ने वांछित कर दिया था और इस बारे में असम पुलिस को बता दिया था.

आईजी असीम अरुण ने बताया कि सिम कार्ड शाहनवाज ने अपनी ही आईडी पर लिया था. उसके खिलाफ आतंकवादी को सहयोग देने और उसे संसाधन पहुंचाने का आरोप बनाया गया था. एटीएस की एक टीम गुवाहाटी पहुंच गई है. शाहनवाज मूल रूप से होजाई जिले में रहने वाले जलालुद्दीन का बेटा है तथा उससे जुड़ी कई अन्य जानकारियां जुटायी जा रही है. आईजी ने बताया कि इस मामले में आतंकी का सहयोग और उसे किसी भी तरह की मदद पहुंचाने वाले लोगों का ब्योरा जुटाया जा रहा है. इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जायेगी.

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