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ईसाइयों की प्रार्थना सभा पर लहरा दिया भगवा… गूंजने लगे जय श्रीराम के नारे तो पहुंच गयी पुलिस

उत्तर प्रदेश का जौनपुर पिछले कुछ समय से धर्मांतरण की खबरों को लेकर सुर्ख़ियों में बना हुआ अहै जहाँ पूरे के पूरे भूलनडीह गाँव को ईसाई बनाने का कुचक्र रचा गया. काफी हद तक ईसाई मिशनरी इसमें कामयाब भी हो गये थे लेकिन समय रहते हिन्दू संगठनों को इसकी भनक लगी तथा इसके बाद जौनपुर पुलिस का डंडा धर्मांतरण कारियों पर चला और पादरी तथा उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी हुई. लेकिन आक्रोशित हिन्दू संगठनों की आक्रोश की ज्वाला अभी थमी नहीं थी तथा रविवार को हिन्दू संगठन के लोग ईसाइयों के उस प्रार्थना स्थल पर पहुंचे जहाँ प्रार्थना के बहाने धर्मान्तरण कराया जाता था तथा वहां जाकर भगवा फहरा दिया.

आपको बता दें कि जौनपुर के भूलनडीह गांव स्थित ईसाई उपासना स्थल पर प्रार्थना सभा के नाम पर चल रहा धर्मांतरण का सिलसिला 11 साल बाद रविवार को टूट गया. धर्म परिवर्तन से आहत क्षत्रिय महासभा समेत अन्य हिंदू संगठनों ने हल्ला बोलते हुए उस पर अधिपत्य जमा लिया. इससे प्रार्थना की तैयारी में जुटे अनुयायियों में हड़कंप मच गया. भीड़ देख पहले तो अनुयायी दो-दो हाथ करने को बढ़े लेकिन माहौल देख सभी वहां से भाग खड़े हुए.  थोड़ी ही देर बाद सभा स्थल भगवा झंडे से पट गया. तनाव देखते वहां कई थानों की पुलिस तैनात कर दी गई तथा भी भेज दिया गया. प्रार्थना के लिए वहां पहुंचने वाले ईसाई अनुयायियों और पुलिस में धक्का-मुक्की भी हुई और कुछ ने ईंट पत्थर भी चलाये. आपको बता दें कि रविवार को सुबह होते ही दूर-दराज से आने वाले अनुयायी चंदवक थाना क्षेत्र स्थित प्रार्थना सभा स्थल की ओर पहुंचने लगे. उधर, क्षत्रिय महासभा व हिंदू संगठन के लोग भी विरोध के लिए तैयार थे. सभा स्थल के गेट पर पहुंचने से पहले ही पुलिसकर्मियों ने ईसाई धर्मांतरणकारियों के अनुयाइयों को रोकना शुरू कर दिया.

इसके बाद सभी गेट के बाहर और आसपास के क्षेत्रों में जुटने लगे. भीड़ जमा हुई तो वहां पहुंची कुछ महिलाएं जबरन भीतर घुसने लगीं. कुछ तो वहीं सड़क पर लेट गईं. दो युवतियों ने वहीं उनकी प्रार्थना कराने का प्रयास किया तो पुलिस ने डपट कर भगा दिया. इसी दौरान क्षत्रिय महासभा ने वहां नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया. मांग उठाई कि उपजिलाधिकारी केराकत आकर इस प्रार्थना स्थल को सीज करें लेकिन, कोतवाल शशिभूषण राय ने आश्वासन दिया कि अब यहां प्रार्थना नहीं होगी. इसके बाद महासभा के लोग वापस चले गए. ज्ञात हो कि भूलनडीह गांव में सक्रिय ईसाई मिशनरी ने 11 वर्षों से जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर के जिलों के 250 गांव में अपना नेटवर्क फैला रखा है.  दस हजार से अधिक अनुयायी हर रविवार व मंगलवार को प्रार्थना के लिए गांव में जुटते हैं. अंधविश्वास और जादुई पानी के जरिये करिश्मे का विस्तार अपने ही परिवार से शुरू करने वाला दुर्गा यादव इसका संचालक है. इस प्रकरण मेंं कोर्ट के आदेश पर दुर्गा यादव समेत 271 लोगों पर मामला दर्ज कराया गया जा चुका है. पुलिस ने इस मामले में रत्नेश, जियालाल, राजेंद्र और मनोज को गिरफ्तार कर लिया था. मुख्य पादरी दुर्गा यादव अभी फरार है और उसकी तलाश में दबिश पड़ रही है.

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