जिन केन्द्रीय बलों से सबसे ज्यादा समस्या थी ममता बनर्जी को, उन्हीं के हवाले हुए पश्चिम बंगाल


पश्चिम बंगाल में अराजक सरकार की प्रतीक बन चुकी ममता बनर्जी पर नकेल कसने की तैयारी शुरू हो गई है. बंगाल में टीएमसी कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, हिंसा पर रोक न लगे..इसके लिए ममता बनर्जी को जिन केन्द्रीय बालों से सबसे ज्यादा समस्या थी.. पश्चिम बंगाल को अब उन्हीं केन्द्रीय बलों के हवाले कर दिया गया है.

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खबर के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान होने वाली हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय सुरक्षाबलों को कमान सौंप दी गई है. मतदान केंद्रों पर पर्याप्त केंद्रीय सुरक्षाबल तैनात रहेंगे, जबकि ममता बनर्जी सरकार की राज्य पुलिस मतदान केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे. चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान केंद्र के अंदर राज्य पुलिस और केंद्रीय बल, दोनों का प्रवेश निषेध रहेगा. मतदान केंद्र के पीठासीन पदाधिकारी को जरुरत महसूस होगी, तभी उनके बुलाने पर पुलिस बल अंदर जाएंगे.

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पांचवे चरण के चुनाव के लिए केंद्रीय सुरक्षाबलों की कुल 578 कंपनियों की तैनाती तय कर दी गई है. पश्चिम बंगाल के स्पेशल पुलिस पर्यवेक्षक ने बताया कि इन कंपनियों के अलावा 142 क्विक रिस्पॉन्स टीम(QRT) भी तैनात रहेंगे, जो हिंसा की खबर पर तुरंत मौके पर पहुंचेंगे. ज्ञात हो कि पिछले चार चरणों में हुए चुनाव के दौरान लगातार हिंसात्मक घटनाएं हो रही थी. इस पर भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला था और निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए हर हाल में केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित कराने की मांग की थी. इसके बाद आयोग के दिशा निर्देश पर बुधवार को यह बड़ा फैसला लिया गया.

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