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देवबंद के मौलाना से भीम आर्मी के रावण की मुलाक़ात ने एक साथ जन्म दिया कई चर्चाओं को… रावण से मिला ये मौलाना है श्रीराम विरोधी नये राजनैतिक गठजोड़ के लग रहे कयास

हाजी इकबाल के इशारे पर हिन्दू समाज में जातिगत जहर बोने वाला चंद्रशेखर रावण जेल ससे बाहर आने के बाद से ही सुर्ख़ियों में छाया हुआ है.  मंगलवार शाम रावण ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और दारुल उलूम के मौलाना अरशद मदनी से मुलाकात कर करीब 15 मिनट तक बंद करने में गुफ्तगू की जिसके बाद अनेक चर्चाएँ शुरू हो गयी हैं. सवाल खडा हो रहा है कि रावण श्रीराम विरोधी मौलाना अरशद मदनी से मुलाकात कर किसी नई योजना पर कार्य कर रहा है. हालाँकि दोनों ने बताया कि यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी.

खबर के मुताबिक़, मंगलवार शाम भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण ने देवबंद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी से उनके निवास पर मुलाकात की. रावण तथा अरशद मदनी की इस मुलाकात को लेकर कयासबाजी का दौर जारी रहा. कमरे से बाहर आने पर चंद्रशेखर और मौलाना ने मीडिया से कहा कि इस मुलाकात की कोई मायने न निकाला जाए. रावण ने सिर्फ इतना कहा कि वह शोषित, पिछड़े और वंचित समाज की लड़ाई लड़ रहे हैं और इन तबकों को अपना हक लेने के लिए एक मंच पर आना होगा. उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब देने से इंकार कर दिया.

हालांकि, रावण के देवबंद आने की सूचना पर जहां दारुल उलूम के तलबा और भीम आर्मी के कार्यकर्ता मौलाना के घर के बाहर जमा थे और उनमें उत्सुकता थी कि क्या बात ह़ुई है. सूत्रों की मानें तो भीम आर्मी दिल्ली में कोई सम्मेलन करने का मन बना रही है. इसका न्यौता भी मौलाना अरशद मदनी को दिया गया है. हालांकि, सम्मेलन किस उद्देश्य से किया जा रहा है, अभी इसका खुलासा नहीं हो सका. इसके अलावा सहारनपुर दंगे के आरोपी मोहर्रम अली पप्पू और ऑल इंडिया मोमिन कांफ्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने रावण से मुलाकात कर दलित-मुस्लिम गठजोड़ को मजबूत करने की बात कही.

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