पवित्र सबरीमाला पर वामपंथी शासन में खड़े हो रहे विवाद से दुखी भक्त ने खुद को लगा ली आग.. हिन्दू विरोध अब ले रहा भक्तों के प्राण

केरल के पवित्र सबरीमाला मंदिर पर शुरू हुए विवाद ने अब भगवान अयप्पा के भक्तों के प्राण लेने शुरू कर दिए हैं. खबर के मुताबिक़, केरल सचिवालय के समक्ष भाजपा के प्रदर्शन स्थल के पास बृहस्पतिवार को 55 वर्षीय वेणुगोपाल नैयर ने खुद को आग के हवाले कर दिया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. वेणुगोपाल नैयर भगवान अयप्पा के भक्त थे तथा परित्र सबरीमाला मंदिर की पवित्रता को कुचलने के लिए किये जा रहे प्रयासों के कारण काफी दुखी थे.

सबरीमाला की पवित्रता को बचाने के लिए अपना बलिदान देने वाले वेणुगोपाल नैयर की मौत पर भाजपा ने 15 दिसंबर को केरल में बंद बुलाया. बीजेपी का कहना है कि वेणुगोपाल नैयर भगवान अयप्पा के भक्त थे. बीजेपी ने कहा कि पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार की सबरीमला मंदिर के आसपास लागू निषेधाज्ञा हटाने पर ‘अड़े’ रहने के रवैये के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए  वेणुगोपाल नैयर ने आग लगाई. पुलिस ने बताया कि मुत्तदा के रहने वाले वेणुगोपाल नैयर का शरीर 90 फीसदी तक जल गया था और उनकी मौत सरकारी चिकित्सा कॉलेज अस्पताल में शाम को हो गई. उन्होंने बताया कि भगवान अयप्पा के मंत्र का जप करते हुए नैयर ने खुद पर पेट्रोल डालकर राज्य सचिवालय के निकट वाले प्रदर्शन स्थल पर तड़के आग लगा ली.

भाजपा ने नैयर के सम्मान में शुक्रवार को सुबह से लेकर रात तक पूरे राज्य में हड़ताल का आह्वान किया. भाजपा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली केरल सरकार की सबरीमला मंदिर के आसपास लागू निषेधाज्ञा हटाने पर ‘अड़े’ रहने के रवैये की वजह से नैयर ने यह भयानक कदम उठा लिया. दरअसल भाजपा यहां उच्चतम न्यायालय द्वारा सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश को मंजूरी देने के फैसले को राज्य सरकार द्वारा लागू करने का विरोध कर रही है. इसके अलावा पार्टी मंदिर के आसपास लागू निषेधाज्ञा हटाने की मांग कर रही है.

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