पुलिस की लाठियों से बर्बरता से पीटा गया सेना का जवान. बलिया पुलिस ने पार कर दी निर्ममता की सभी सीमाएं . सेना तक को दी गालियां

ये वही लोग हैं जो आज भी अतीक और मुख़्तार जैसे दुर्दांत अपराधियों के आगे श्री या माननीय और पीछे जी लगाते हैं लेकिन जब सेना के जवान का मामला हो तो इनके भुजाओं में इतनी ताकत आ जाती है की जैसे इन्होने किसी मोस्ट वांटेड अपराधी को पकड़ लिया हो .. ज्ञात हो की योगी आदित्यनाथ जी के तमाम प्रयासों के बाद भी उनकी के शासन को चुनौती मिल रही है उनके ही प्रशासन से .

कश्मीर में जहाँ सेना के जवानो पर मुकदमे दर्ज होने का विरोध करने वाली भारतीय जनता पार्टी के खुद के पाने शासन उत्तर प्रदेश में सेना के जवान के साथ जो दुर्व्यवहार हुआ उसकी वीडियो किसी की भी रूह कंपाने के लिए काफी है . एक जवान को कम से कम आधे दर्जन पुलिस वालों ने बेरहमी से पहले लाठियों से मारा उसके बाद उसको जीप में लाद कर ले गए और जेल भेज दिया .. ये रोंगटे खड़े कर देने की घटना का गवाह बना है यूपी के बलिया का फेफना बाजार जहाँ पर एक पुलिस पिकेट के पास शनिवार को उस समय लोग सन्न रह गए जब एक सेना के जवान को पुलिस सिपाहियों ने जमकर लाठियों और लात घूंसों से पीटा। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है की सेना के जवान को गालियां देते हुए ये पुलिस वाले सेना तक को अपशब्द कह रहे थे जिसने सेना तक के लिए अपमानित करने वाले शब्द “साला फौजी ” जैसे अपशब्द थे .

पुलिस द्वारा सेना के जवान की पिटाई देख वहां सड़क पर जाम लग गया। पुलिस की माने तो पिकेट के पास कार खड़ा करने को लेकर यह विवाद हुआ था। स्थानीय लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। सेना की सम्मान की बात देश के प्रधानमंत्री से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक करते हैं। लेकिन फेफना थाना क्षेत्र के मिलिकनवा गांव निवासी सुनील यादव जो की सेना में नौकरी करते हैं। वे अपनी कार से फेफना तिराहे पर आए और अपनी कार को खड़ा करने लगे। पिकेट के पास सिविल ड्रेस में खड़े सिपाही से कुछ पूछने के लिए बुलाया। सिपाही संजय ने कहा की तुम आओ मैं सिपाही हूं। बातों-बातों में सेना के जवान और सिपाही के बीच विवाद बढ़ गया और सिपाही ने सुनील को दो थप्पड़ जड़ दिए। लोगों ने बीच-बचाव कर किसी तरह दोनों को अलग किया।

सेना का जवान सुनील यादव अपनी कार वापस लाकर दुबारा सिपाही से भीड़ गया। उसके बाद थाने के अन्य सिपाहियों ने लाठियों से सेना के जवान की सरेआम धुनाई कर दी। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो क्लिप बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।  सीओ सीटी अरुण कुमार सिंह के अनुसार, पिकेट के पास वाहन खड़ा करने को लेकर यह विवाद हुआ था। पिकेट पर तैनात सिपाही द्वारा मना करने पर पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस मामले में सुनील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। सुनील सेना में जीडी के पद पर तैनात है फिलहाल यह छुट्टियों में अपने घर आया हुआ है। सवाल सिर्फ इतना है की जिस प्रकार से इन्होने अपनी वीरता सेना के इस जवान के खिलाफ सार्वजनिक रूप से दिखाई क्या उसी प्रकार की इनकी वीरता का कोई जीता जागता उदाहरण किसी बड़े या मोस्ट वांटेड अपराधी के खिलाफ भी है ? लाठियों को सबके आगे एक सैनिक पर चटका कर आखिर इन पुलिस वालों ने देश और दुनिया को क्या संदेश दिया है ?

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