बदनाम करना था योगी आदित्यनाथ को, इसीलिए मार डाले साधु. जबकि साबिर अली कुछ दिन पहले हुआ करता था दिनेश प्रताप

इस बात को सबसे पहले सुदर्शन न्यूज ने अपने ख़ास शो बिंदास बोल में उठाया था और साफ़ साफ बताया था की साधुओं की हो रही निर्मम हत्याओं के पीछे कोई और नहीं बल्कि मज़हबी भावना से भरे वो उन्मादी आक्रांता हैं जिनकी दुश्मनी भगवा और भगवान से है ..अब उन तमाम बातों पर उत्तर प्रदेश की अलीगढ पुलिस ने अपनी मुहर लगाते हुए उन दरिंदों को खोज निकाला है जो योगी आदित्यनाथ के प्रति इतनी नफरत से भर गए थे की उन्हें हर भगवाधारी से इतनी नफरत हो गयी थी की उन्होंने उनको मार डालने का फैसला कर लिया . उन्हें इसके चलते योगी के बदनाम होने की आशा भी थी .

ध्यान देने योग्य है की अलीगढ पुलिस की सतर्कता के चलते आख़िरकार साधुओं की हत्याओं के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस बेहद सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए अलीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार साहनी ने मीडिया को बताया  मुख्य आरोपी एटा जिले का रहने वाला पूर्व सभासद साबिर अली है, जो योगी आदित्यनाथ शासन  को बदनाम करने के लिए मंदिरों में रहने वाले साधुओं की हत्या कर रहा था। इसके साथ ही ये दुर्दांत अपराधी अपने ऊपर चल रहे केस के गवाहों को फंसाना चाहता था। लेकिन आख़िरकार वो कानून के शिकंजे में आ ही गया ..

एसएसपी ने बताया कि अलीगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र के एकांत में रहने वाले साधुओं को टारगेट किया जा रहा था। एक महीने में तीन साधुओं सहित छह लोगों की हत्या हुई थी। हत्याओं का मास्टर माइंड एटा का पूर्व सभासद साबिर अली उर्फ दिनेश प्रताप सिंह निकला। साबिर अली को बेटे और उसके साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से पुलिस ने 4 पिस्टल, 12 कारतूस, खून से सनी चादर, मोबाइल फोन आदि बरामद किया है। पुलिस ने बताया की साबिर अली का गिरोह जो भी हत्या करता था, वहां एक पर्ची पर मोबाइल नंबर लिखकर डाल देता था। गवाहों को फंसाने के लिए साबिर अली कत्ल कराने वालों से एक पर्ची छोड़ने को कहता था। गैंग के सरगना का नाम पहले दिनेश प्रताप था जो कुछ लोगों के संगति में आने के बाद दिनेश प्रताप से साबिर अली बन गया था . इस मामले में डीजीपी की निगाह थी।

अब तक इस मामले में तीन आरोपी मुस्तकीम, नौशाद और अफसर फरार हैं, जिन पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया है। इन लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि हरदुआगंज में पिछले दिनों हुई साधुओं की हत्या में यही गैंग शामिल था। साधुओं को साबिर अली ने इसलिए टारगेट बनाया क्योंकि योगी सरकार में साधुओं के मामले में पुलिस ज्यादा संवेदनशील है। इसके पीछे सरकार को बदनाम करने की साजिश थी, ऐसा पूछताछ में सामने आया है। समाज ने ऐसे दरिंदो की गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस ली है और अलीगढ के पुलिस कप्तान की भूरि भूरि प्रशंशा की है . देखिये हमारा वो खास शो जिसमे हमने पहले ही बताया था की साधुओ की ये हत्याएं सोची समझी साजिश का हिस्सा थी .

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