भीम आर्मी के सदस्यों पर मजहबी उन्मादियों का भयानक हमला.. अपने ही गृहक्षेत्र सहारनपुर में भाग खड़े हुए रावण के साथी

मजहबी उन्मादी हाजी इकबाल के इशारे पर हिन्दू समाज में जातिगत जहर घोलने वाला भीम आर्मी का मुखिया चंद्रशेखर उर्फ़ रावण जेल से बाहर आ चुका है. जेल से बाहर आते ही रावण ने एक बार पुनः दलित-मुस्लिम एकता का नारा बुलंद किया तथा भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया. लेकिन दलित-मुस्लिम एकता की हकीकत राजनैतिक नारों से इतर कितनी है, इसका पाला भीम आर्मी के समर्थकों को उस समय पड़ा जब मजहबी उन्मादियों ने भीम आर्मी कार्यकर्ताओं पर भीषण हमला कर दिया. भीम आर्मी पर ये हमला उसी सहारनपुर में जो रावण का गृहक्षेत्र है. उन्मादियों ने रावण के समर्थकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा तथा साफ़ साफ़ संकेत दिया कि उनके लिए दालित-मुस्लिम एकता सिर्फ एक राजनैतिक नारा है, इससे अधिक कुछ नहीं.

खबर के मुताबिक़, सहारनपुर के सरसावा थाना अंतर्गत गांव सरगथल में भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की रिहाई को लेकर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान शनिवार की शाम को मारपीट हो गई, जिसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए. सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची और बड़ी मुश्किल से स्थिति नियंत्रित की. बताया गया है कि शनिवार शाम थानाक्षेत्र के गांव सरगथल में रावण की रिहाई को लेकर जुलूस निकाल रहे थे. जब ये लोग गांव में मस्जिद के सामने से गुजरने लगे तो नमाज का समय होने के कारण मुस्लिम समाज के लोगों ने इन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन जुलूस न रोकने पर उन्होंने भीम आर्मी के समर्थकों पर भयानक हमला कर दिया तथा मारपीट करते हुए भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं को खदेड़ दिया. उन्मादियों के इस हमले में 6 लोग घायल हो गये. स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी तथा सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात काबू किये. सरसावा थानाध्यक्ष आदेश त्यागी का कहना है कि कि गांव में स्थिति अब सामान्य है. इस संबंध में एसपी देहात विद्यासागर मिश्र का कहना है कि गांव में झगड़ा होने की जानकारी मिली थी लेकिन अब स्थिति सामान्य हो चुकी है.

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