ममता का मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी सबके आगे बोला- “कुरआन के आगे संविधान की कोई हैसियत नहीं” .. खामोश है धर्मनिरपेक्ष समाज

देश की वर्तमान राजनीति में तथाकथित सेक्यूलर राजनीति का पुरोधा किसी को कहा जायेगा तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम उसमें जरूर होगा. हमेशा संविधान तथा लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वाली तृणमूल कांग्रेस प्रमुख तथा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्री ने खुलेआम एलान कर दिया है कि वह कुरआन को संविधान से बढ़कर मानता है तथा उसके लिए कुरआन के आगे संविधान की कोई हैसियत नहीं है. ममता के मंत्री ने ट्रिपल तलाक पर लाये गये अध्यादेश का विरोध करते हुए ये बात कही है.

पश्चिम बंगाल के जनशिक्षा व ग्रंथागार मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी ने शुक्रवार को ट्रिपल तलाक के मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, “दुनिया का कोई भी संविधान कुरान से ऊपर नहीं है. कुरान के सामने मुसलमान किसी भी संविधान को नहीं मानेंगे, भले ही इसके लिए आंदोलन क्यों न करना पड़े.” आपको बता दें चौधरी वाम मोर्चा के जमाने से अपने सांप्रदायिक गतिविधियों के लिए कुख्यात रहे हैं। जमायते-उलेमा-हिंद नाम का उनका अपना इस्लामिक संगठन भी है जिसके वे अध्यक्ष हैं। लाखों की संख्या में संगठन के कार्यकर्ता पूरे पश्चिम बंगाल में मौजूद हैं. प्रदेश के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी उनके संगठन के कार्यकर्ता सक्रिय हैं एवं देशभर के बड़े मुस्लिम संगठनों में जमायते- उलेमा-हिंद की गिनती होती है. ट्रिपल तलाक के बारे में जिक्र करते हुए शुक्रवार को चौधरी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले सांप्रदायिक तुष्टीकरण की राजनीति करने में जुटी है. इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा. मुसलमानों के लिए कुरान सबसे बड़ा आदेश है. उसके सामने किसी भी संविधान या कानून का कोई महत्व नहीं.

ममता के मंत्री ने कहा कि अल्लाह ताला ने विवाह बनाया तो तलाक भी बनाया है. ट्रिपल तलाक सैकड़ों सालों से चलता आ रहा है और भाजपा की सरकार अपनी तानाशाही से इसे रोकने की कोशिश कर रही है लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा. इसके खिलाफ देशभर में आंदोलन होंगे और किसी भी कीमत पर ट्रिपल तलाक बंद करने के कानून को लागू नहीं होने दिया जाएगा.” उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी असंवैधानिक करार दे दिया. एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि ट्रिपल तलाक पर रोक लगाने के लिए संसद में कानून बनाएं। इस आदेश का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने यह जो आदेश दिया है यह गैर संवैधानिक है. इस देश में रहने वाले हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई सभी को अपने धर्म के अनुसार जीवन यापन करने का अधिकार है. मुसलमानों को भी कुरान से ही ट्रिपल तलाक का आदेश मिला है. ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का आदेश हमारे मजहब में दखलअंदाजी है और इसके खिलाफ आंदोलन होगा.”

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