योगी के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर में बना रहे थे ईसाई… बहाना था इलाज का लेकिन सब देख रहा था प्रशासन

उत्तर प्रदेश में धर्मान्तरण की मशीनों के खिलाफ योगी की पुलिस सक्रिय नजर आ रही है. उत्तर प्रदेश के जौनपुर में धर्मान्तरणकारी पादरी व् उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद ताजा मामला गोरखपुर का है जहाँ 5 ईसाई धर्मान्तरणकारियों को गिरफ्तार किया गया है. खबर के मुताबिक़, गोरखपुर जिले में बीमारी के इलाज के नाम पर बड़ी संख्या में गरीबों, खासकर दलित वर्ग के लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का खेल चल रहा था लेकिन शायद उन्हें नहीं पता था कि उनके नापाक इरादों पर प्रशासन की पूरी नजर थी.

आपको बता दें कि इलाज के नाम पर चल रहे धर्मान्तरण के खेल का गोरखपुर पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है. दरअसल, गुलरिहा थाना क्षेत्र के करमोदा गांव स्थित एक घर में करीब 200 महिलाएं एवं पुरुष इकट्ठा थे. एक व्यक्ति की सूचना पर पुलिस और एलआईयू टीम ने मौके पर छापेमारी की, जहां से पांच लोग गिरफ्तार किए गए. एसपी नॉर्थ रोहित सिंह सजवाण के मुताबिक, शनिवार देर शाम करमोदा गांव के विजय ने पुलिस को धर्म परिवर्तन से जुड़ी एक संदिग्ध गतिविधि की सूचना दी. फोन कॉल के बाद पुलिस और एलआईयू टीम मौके पर पहुंची, जहां एक घर में करीब 200 महिलाएं और पुरुष इकट्ठा थे. जांच के दौरान पता चला कि इस जगह का मालिक और मुख्य आरोपी अनिल कुमार पिछले 10 वर्ष से यीशु मसीह की प्रार्थना करते हैं. यही नहीं, वे अपने चार साथियों प्रद्युम्न, दीपक, मोनू और रविंद्र के साथ मिलकर दूसरे धर्मों के खिलाफ दुषप्रचार करते थे.

आरोप है कि पांचों लोग गांववालों से ईसाई धर्म अपनाने पर सारी बीमारियां दूर होने का दावा कर रहे थे. पुलिस जांच में कुछ लोग मौके पर ऐसे भी मिले, जिनका दावा था कि उन्होंने ईसाई धर्म अपनाया और बीमारियां दूर हो गईं. पुलिस ने इस मामले में आईपीसी 153 ए, 147 और औषधि एवं चमत्कारी उपचार अधिनियम की धारा 7 दर्ज करने के साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी. एक अधिकारी के मुताबिक, मौके पर मौजूद ज्यादातर लोग या तो गरीब परिवारों से ताल्लुक रखनेवाले थे या फिर पिछड़ी जातियों से थे. लेकिन फिलहाल पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.


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