राकेश को गोली मार कर भाग रहा था 50 हजार का दुर्दांत अपराधी रईस लेकिन मरने से पहले राकेश ने वो कर दिया जो कई साल से पुलिस भी नहीं कर पायी थी .

कभी राकेश की तूती बोला करती थी तब रईस जैसे उस से टकराने की सोच भी नहीं सकते थे लेकिन जब राकेश ने सही रास्ता चुन कर खुद को व्यापार क्षेत्र में लाया उसके बाद रईस ने उनकी शराफत का नाजायज फायदा उठाया और उसके चलते ही वो पहुच गया था राकेश का कत्ल करने . यद्दपि राकेश की मौत रईस की गोली से हो गयी है लेकिन मरने से पहले राकेश वो कर गया जो काफी समय से वाराणसी और आस पास जिलों की पुलिस भी नहीं कर सकी थी .

ज्ञात हो की अपने आपराधिक कुकृत्यो के चलते महादेव शिव की नगरी में भी आतंक का पर्याय बन चुका 50 हजार का इनामी कुख्यात बदमाश रईस बनारसी शुक्रवार को गैंगवार में मारा गया। वह अपने साथी के साथ दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के पातालेश्वर गली में रहने वाले पूर्व हिस्ट्रीशीटर व वर्तमान व्यापारी राकेश अग्रहरी को मारने गया था, राकेश अग्रहरी को गीली मार कर वो भाग रहा था लेकी गोली से घायल राकेश ने उस पर गोलियों की बौछार कर दी और वो थोड़ी दूर भागने के बाद एक मस्जिद के पास गिर पडा जिसके चलते उसके प्राण भी पखेरू उड़ गये .. इस प्रकार कहा जा सकता है कि अपनी मौत से पहले राकेश ने खुद को मारने वाले को मार दिया .

ये घटना शाम 5.25 बजे की है। पातालेश्वर निवासी राकेश अपने घर के पास गली में फोन पर किसी से बात कर रहा था। इस दौरान पैदल दो बदमाश पहुंचे। दोनों के चेहरे कपड़े से ढंके हुए थे। बदमाशों ने राकेश को तीन गोली मारी। राकेश को दाहिनी तरफ एक गोली सीने के पास और एक पेट में लगी। चर्चाओं की माने तो राकेश अग्रहरी ने भी क्रास फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़ाहट से गली में अफरातफरी मच गई। इस बीच मौका पाकर बदमाश गली के रास्ते भाग निकले। इधर राकेश के प्राण निकले उधर पुलिस को सूचना मिली कि लंगड़े हाफिज मस्जिद के पास किसी को गोली लगी है . खून से लथपथ उसको जब पुलिस कबीरचौरा अस्पताल लेकर पहुंची तो वो भी दम तोड़ चुका था . बाद में पता चला कि वो राकेश की गोली से घायल वो दुर्दांत अपराधी रईस बनारसी था जिसकी तलाश वाराणसी पुलिस को एक लम्बे समय से थी .

Share This Post

Leave a Reply