सेक्यूलर थे वकील नवीन यादव… तभी तो गये थे अख्तर का आपसी झगड़ा शांत करवाने.. पर हुआ कुछ और

हरियाणा के नूंह के रहने वाले वकील नवीन यादव सेक्यूलर विचारधारा के थे जो धर्म-मजहब को नहीं बल्कि इंसानियत को मानते थे. वो कहते थे कि सभी लोगों को धर्म-मजहब के परे इंसानियत को मानना चाहिए क्योंकि इंसानियत सबसे बड़ी होती है. तभी तो वो अख्तर और जमशेद का आपसी झगड़ा सुलझाने के लिए गए थे. उन्होंने समझौता तो करा दिया लेकिन फिर ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद नवीन यादव को नहीं रही होगी. समझौते के बाद एक पक्ष के लोगों ने नवीन यादव को घेरकर उनकी मॉब लिंचिंग की, उनको जमकर पीटा गया, जिससे उनकी मौत हो गई.

खबर के म्जुताबिक, बीते 15 जुलाई को नूंह जिले के उदाका गांव में अख्तर और जमशेद के बीच झगड़ा हुआ था. इसके बाद 19 जुलाई को वकील नवीन यादव ने गांव उदाका के जमशेद एवं अख्तर के बीच में चल रहे विवाद को आपस में मिल बैठकर राजीनामा करा दिया था. जब वकील शाम को अदालत से घर उदाका जा रहा था, तभी अख्तर की पत्नी एवं बेटी ने अपनी छत पर चढ़कर वकील नवीन यादव के ऊपर ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया, जिससे वकील का सिर फट गया और काफी चोटें भी आई.

इस दौरान वकील ने भागकर अपने घर में घुसकर जान बचाई. इसके बाद जैकम पुत्र नसीरुद्दीन, साजिद पुत्र अख्तर, मकसूदन पत्नी अख्तर और उसकी बेटी सरजीना एवं रुकसार ने वकील को दोबारा घर से बाहर निकालकर बल्ले और डंडो से पीटना शुरू कर दिया. जिससे वकील गंभीर रूप से घायल हो गया. वकील के परिजनों ने किसी तरह से बचाकर नवीन यादव को घायल अवस्था में मेदांत अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उनकी मौत हो गयी.

इस मामले में नवीन यादव के चाचा कुंदन यादव की शिकायत पर 3 महिलाओं समेत 7 नामजद पर केस दर्ज किया था. जिसमें अख्तर, जैकम, साजिद को गिरफ्तार किया जा चुका है. वहीं, आरोपी सरजीना, मकसूदन, रुकसार, शेकुल अभी फरार है. इस घटना के बाद वकीलों ने अपना वर्क सस्पेंड भी रखा था. वकील पर हुए हमले को लेकर सोहना बार एसोसिएशन ने सोमवार को अदालत परिसर में धरना प्रदर्शन किया. वकीलों ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के लिए लिखित में सोहना तहसीलदार नेहा साहरण को ज्ञापन सौंपा.

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