बलिदान से बदल रहा बंगाल… हिन्दू विरोध का पर्याय बन चुकीं ममता का एक विधायक और 12 पार्षद थाम लिए भगवा ध्वज..


कथित सेक्यूलरिज्म की राजनीति के लिए हिन्दू विरोध की सारी सीमायें पार कर चुकी ममता बनर्जी के कब्जे से बंगाल तेजी से निकलता जा रहा है. ममता बनर्जी की निरंकुशता तथा हिन्दू विरोधी की राजनीति की खिलाफत करते हुए तमाम बीजेपी कार्यकर्ता अपना बलिदान दे चुके हैं. बंगाल को बचाने के लिए दिए गये इन्हीं बलिदानों से बंगाल में बदलाव की बयार सार साफ़ दिखाई देने लगी है. एकतरफ लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतकर बीजेपी ने बंगाल की सत्ता की तरफ तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं तो वहीं दूसरी तरफ खुद ममता की पार्टी के नेता उनका साथ छोडकर बीजेपी में शामिल हो रहे हैं.

टप्पल की महिलाओं का जीना हराम कर रखा था असलम ने.. सबकी खामोशी टूटी ट्विंकल के बलिदान के बाद

खबर के मुताबिक़, पश्चिम बंगाल की भाटपाड़ा और गारुलिया नगरपालिका के बाद अब बनगांव नगरपालिका पर भी भारतीय जनता पार्टी का कब्जा हो गया है. मंगलवार को बनगांव उत्तर के तृणमूल विधायक विश्वजीत दास के साथ बनगांव नगरपालिका के 12 पार्षदों ने दिल्ली स्थित भाजपा कार्यालय में भगवा झंडा थाम लिया तथा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये. इससे पूर्व सोमवार को ही नोआपाड़ा के विधायक व गारुलिया नगरपालिका के चेयरमैन सुनील सिंह के नेतृत्व में सुनील सिंह समेत कुल 12 पार्षद भाजपा में शामिल हुए थे.

शुभकामनाएं दीजिये अमेरिका की जेसिका को जिन्होंने अपना जीवन साथी चुना है भारत के जसवीर को और बस गई हैं भारत में

बता दें कि कि बनगांव नगरपालिका अंतर्गत कुल 22 वार्ड हैं, जिसमें से 12 पार्षद भाजपा में चले जाने के बाद बचे 10 पार्षदों में से मात्र आठ ही पार्षद तृणमूल के हैं. एक माकपा और एक कांग्रेस के हैं. बनगांव नगरपालिका के पार्षदों में दिलीप कुमार मजुमदार, अभिजीत कर्पुरिया, कार्तिक मंडल, दीप्ति सरकार, दिप्तेंदू विकास बैरागी, शंपा मोहंता, मंतोष नाथ, शुभेंदू मिस्त्री, गीता दास, सोमांजना, एस पोद्दार, हिमाद्री मंडल शामिल हुए. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता व एआइसीसी सदस्य प्रसनजीत घोष, बनगांव के तृणमूल अध्यक्ष प्रदीप बनर्जी भी भाजपा में शामिल हुए.

जिस लड़की पर ममता बनर्जी ने गिराया था सत्ता का कहर अब उस पर गई मोदी की नजर.. मिला एक शानदार तोहफा

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैने कहा है कि सात चरणों में सब शामिल हो जायेंगे, तो यह दूसरा चरण नहीं है बल्कि यह पहला चरण का ही एबीसीडीई है. बंगाल में अराजकता और मुख्यमंत्री के अहंकार का यह परिणाम है. वर्तमान बंगाल में अराजकता के कारण ही रंग बदलने की प्रक्रिया चल रही है. वहां के लोग असहज महसूस कर रहे हैं और भाजपा में शामिल हो रहे है. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का विकास हो रहा है और उनके नेतृत्व में ही बंगाल का भी विकास होगा.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share