चुनाव से ठीक पहले 34 नक्सलियों ने टेके घुटने, बोले- “हम गलत थे”

देश में इस समय लोकसभा चुनावों का प्रचार अपने चरम है तथा 17वीं लोकसभा के लिए जनता वोट करने को तैयार बैठी है. 11 अप्रैल को देश में पहले चरण का मतदान होना है, लेकिन इससे पहले छत्तीसगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है. खबर के मुताबिक़, लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान से ऐन पहले सूबे के सुकमा में 34 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. सुरक्षा  बलों के आगे घुटने टेकते हुए 34 नक्सलियों ने कहा है कि वह गलत थे तथा अब वह हथियार छोड़कर मुख्यधारा में जुड़ना चाहते हैं, राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं.

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छत्तीसगढ़ पुलिस ने दावा किया है कि एक साथ 34 नक्सलियों ने सोमवार (8 अप्रैल) को समर्पण किया है. इनमें से 18 स्थाई वारंटी नक्सली हैं, जिनमें तीन महिला नक्सली भी शामिल हैं. सुकमा एसपी के समक्ष एर्राबोर थाने में नक्सलियों ने सरेंडर किया है. चुनाव से पहले इतनी बड़ी तादाद में नक्‍सलियों के आत्‍मसमर्पण को बड़ी सफलता मानी जा रही है. बता दें कि पहले चरण में छत्तीसगढ़ में एक मात्र सीट नक्‍सल प्रभावित बस्तर में वोटिंग होनी है. बस्तर संसदीय क्षेत्र के कई इलाके घोर नक्सल प्रभावित हैं. ऐसे में मतदान से ऐन पहले बड़ी तादाद में नक्सलियों के समर्पण को पुलिस की कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा है.

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पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सुकमा के डब्बाकोंटा एरिया आरपीसी अध्यक्ष माड़वी हिंगा भरमार के साथ सरेंडर किया. सरकार की आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर नक्सलियों ने सरेंडर किया है. समर्पण करने वाले नक्सली सुकमा के मनिकोंटा, गगनपल्ली, कोंगडम, मेटटागुड़ा और मरईगुड़ा (राजस्व) के रहने वाले बताए जा रहे हैं. इनपर कई नक्स​ल हिंसा की घाटनाओं में संलिप्‍त होने का आरोप है. इन सभी ने हथियार छोडकर समाज की मुख्यधारा आने का संकल्प लिया है.

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