Breaking News:

जिन मासुमों को अपना नाम भी ठीक से नहीं पता था, उनका करवाने जा रहे थे धर्म परिवर्तन, शिकार हो गए होते वो 60 बच्चे, यदि सतर्क न होता पुलिस….

रतलाम : मुक्त हुए वो 60 आदिवासी बच्चे जिन्हें ले जाए जा रहा था धर्मांतरण के लिए। राजकीय रेलवे पुलिस ने आरोपियों के चंगगुल से बच्चों को मुक्त कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

मामला मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले का है, जहां इन बच्चों को पिकनिक के बहाने धर्मातरण के मकसद से नागपुर ले जाया जा रहा था, जहां ईसाई समुदाय का कोई बड़ा कार्यक्रम था। मामले की जांच कर रहे रतलाम जीआरपी के पुलिस उपाधीक्षक ध्रुवराज सिंह चौहान ने बताया कि कुछ लोग 60 बच्चों, जिनमें 28 लड़के और 32 लड़कियां थी, उन्हें झाबुआ से मेघनगर के रास्ते रेलगाड़ी से रतलाम लाया गया।

इस काम में थांदला के अमिया पाल व रतलाम की अलकेश की अहम भूमिका थी। रविवार रात जीआरपी को कुछ आशंका हुई तो बच्चों से पूछताछ करने पर मामला संदिग्ध लगा। वहीं, बच्चों से पूछताछ और उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सोमवार को नौ लोगों के खिलाफ धारा 363/34 और मप्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 1968 3/7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

वहीं, बीते दिन ही मध्य प्रदेश में तोहफों, मुफ्त पढ़ाई और अन्य सहूलियतों का लालच देकर आदिवासी समुदाय के 11 नाबालिग बच्चों के धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में पुलिस ने यहां दो लोगों को गिरफ्तार किया था।

Share This Post