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असम के 9 जिलों में हिन्दू हुए अल्पसंख्यक … संघ ने पूछा – ये बहुसंख्यक आये कहां से

हिन्दुओं का भारत के राज्यों में ही अल्पसंख्यक होना बहुत ही निराशाजनक बात है। सबके जहन में एक ही सवाल उठता है कि ये बहुसंख्यक आये कहां से ?बता दें कि असम के 9 जिलों में हिन्दू हुए अल्पसंख्यक हो गए है और ये बात अपने आप में ही बहुत बड़ी समस्या है। आखिर क्या वजह है जिस असम में हिंदुओ का राज था अब वो उसी राज्य में अल्पसंख्यक हो गए है। इस समस्या पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ नेता डॉ कृष्ण गोपाल ने भी सवाल उठाए है।
बता दें कि दिल्ली में एक पुस्तक के विमोचन समारोह में डॉ कृष्ण गोपाल ने कहा है कि,” आजादी के वक्त असम में कोई भी जिला मुस्लिम बहुल नहीं था लेकिन आज नौ जिले मुस्लिम बहुल हैं।” दरअसल इस समारोह में ”द लास्ट बैटल ऑफ सरईघाट ” पुस्तक का विमोचन हुआ जो कि रजत सेठी व शुभ्रष् ने लिखी है और यह पुस्तक पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा के उभार पर आधारित है। इस समारोह में असम के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हिमंता बिस्वा सरमा, भाजपा के पूर्वोत्तर के प्रभारी महासचिव राम माधव और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह भी मौजूद थे। कृष्ण गोपाल ने इस समरोह में दावा करते हुए बताया कि ,”असम के लोगों ने म्यांमार, कंबोडिया, वियतनाम व चीन के कुछ हिस्सों को मुगलों के कब्जे से बचाया था, अन्यथा इन देशों का भूगोल पूरी तरह से अलग होता।”
दरअसल 1967 की बैटल ऑफ सरईघाट में मुगल शासक और अहोम किंगडम के बीच सरईघाट में ब्रह्मपुत्र नदी पर लड़ी गई थी और इस लड़ाई में अहोम किंगडम की जीत हुई थी और मुगलों को परास्त किया गया था। बहुत कम लोग असम के इतिहास से अनजान है क्योंकि कांग्रेस ने इसकी उपेक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बता दें कि डॉ कृष्ण गोपाल ने कांग्रेस पर क्षेत्र की हमेशा उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र की उपेक्षा के कारण ही इसके इतिहास के बारे में बहत कम जानकारी है। असम की तत्काल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए आरएसएस नेता डॉ कृष्ण गोपाल ने सवाल किया कि ,” स्वतंत्रता के वक्त असम में कोई भी जिला मुस्लिम बहुल नहीं था लेकिन आज नौ जिले मुस्लिम बहुल है तो ये सभी मुस्लिम कहां से आए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?”
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