अब नक्सलियों ने मारा उस पार्टी के विधायक को जो मानवाधिकार के थे सबसे बड़े पैरोकार

कल तक उनकी पार्टी मानवाधिकार की बहुत बड़ी पैरोकार थी. इतनी बड़ी कि उसे नक्सलियों में भी मानवाधिकार दिखाई देता था तथा जब जब नक्सली-माओवादियों ने प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी की हत्या की साजिश रची व इसके बाद जब इन शहरी नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया तो इनकी पार्टी नक्सलियों के समर्थन में उतर आयी. लेकिन शायद उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि नक्सली खुद उन्ही के लिए काल बन जायेंगे. आज उस पार्टी के एक वर्तमान विधायक सहित दो नेताओं की नक्सलियों ने गोली मारकर ह्त्या कर दी है.

मामला तेदेपा शासित आंध्र प्रदेश का है भाकपा (माओवादी) के उग्रवादियों ने रविवार को विशाखापट्टनम जिले के अराकु इलाके में सत्तारूढ़ तेदेपा के एक वर्तमान विधायक सर्वेश्वर राव और एक पूर्व विधायक की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस ने बताया कि यह घटना दंबरीगुडा मंडल में लिप्पिटीपुत्ता गांव में उस वक्त हुई जब अराकु (एसटी) सीट से विधायक किदारी सर्वेश्वर राव और पूर्व विधायक सिवेरी सोमा ‘ग्राम दर्शिनी’ कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिये गए थे जहाँ नक्सलियों ने उनकी जान ले ली. सर्वेश्वर राव वाईएसआर कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर 2014 में चुनाव जीते थे, लेकिन बाद में वह तेदेपा में शामिल हो गए थे. विशाखापट्टनम क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक सी श्रीकांत ने कहा, ‘ग्रामीणों के साथ माओवादियों का एक समूह आया और उसने विधायक की कार रोक दी. जैसे ही विधायक के निजी सुरक्षा अधिकारी और पूर्व विधायक नीचे उतरे उन्होंने उनसे एके-47 राइफल छीन ली और सर्वेश्वर राव और सोमा की गोली मारकर हत्या कर दी.’

पुलिस उप महानिरीक्षक सी श्रीकांत ने कहा कि हमले में शामिल माओवादियों की ठीक-ठीक संख्या का पता नहीं चल पाया है और विधायक की हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है. पुलिस सूत्रों को हालांकि संदेह है कि माओवादी आंध्र-ओडिशा सीमा समिति के सचिव रामकृष्ण के नेतृत्व में तकरीबन 50 से 60 माओवादी इस हमले में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कथित तौर पर विधायक के साथ कुछ समय के लिये बातचीत की और उसके बाद उनकी गोली मारकर हत्या कर दी.

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