आधार बना लोगो के लिए जंजाल” अपना सब काम छोड़ बैंको के बाहर लाइनों में खड़े लोग


आधार ने बहुत ही कम समय में हिन्दुस्तान में एक महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ के रूप अपनी जगह बनाई है। आधार के इस्तेमाल से हिन्दुस्तान में कई क्रांतिकारी बदलाव हुए है। जैसे जैसे आधार की उपयोगिता बढ़ रही है। आम जनता के सामने आधार बनवाने व संसोधन कराने की विकराल समस्या खड़ी हो गई है। लोग अपना आधार बनवाने के लिए सुबह 6 बजे से ही बैंक और पोस्टऑफिस के सामने जाकर लाइन में खड़े हो जाते है। जिससे उनका नंबर आ जाये और इस जंजाल से किसी तरह उनको मुक्ति मिल जाये, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे स्कूल की पढाई छोडकर कई कई दिनों तक लाइनों में लगकर कोशिश में लगे रहते है। किसी तरह उनका काम हो जाये और वो अपने एडमिशन व स्कोलरशिप के लिए आवेदन कर सके। किसान अपना खेत का काम छोड़कर अपने बच्चो को लिए गाव से रोजाना इस उम्मीद से शहर आता है की उसके बच्चो का आधार बन सके और वे अपनी पढाई जारी रख सके लेकिन रोजाना इस लिए वापस लौट जाते है। कि उनका बैंक में नंबर नहीं आता। मजदूर अपनी दिहाड़ी छोड़कर किराया खर्च करके बच्चो के लिए धक्के खा रहे है किसी तरह आधार बन जाये। आज की तारिख में आधार बनवाना ही सबसे बड़ी चुनोती बना हुआ है।

अब आपको बताते है कि आधार की ये समस्या उत्पन कैसे हुई – जानकारी के अनुसार पिछले 5 सालो में आधार पंजीकरण के लिए uidai द्वारा एक बड़ा अभियान चलाया गया। जिसमे गाव गाव जाकर निशुल्क आधार पंजीकरण किया गया इस  अभियान में कई अन्य अर्धसरकारी कम्पनीयों की भी मदद ली गई इनमे से ज्यादातर कम्पनीयो द्वारा इस काम में अमिनित्ताये बर्ती गई। जिसका परिणाम यह हुआ की कई जगह देखने को मिला की पुरे गाव की जन्मतिथि एक ही डाल दी गई।सबको फर्स्ट जनवरी में ही पैदा होना दर्शाया गया है,किसी का नाम गलत है तो किसी का ऐड्रश। अब जैसे जैसे आधार की उपयोगिता बढ़ रही है इन आधार धारको के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। और लोग भारी संख्या में बैंक और पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगा रहे है।

क्या थी आधार पंजीकरण की पुरानी व्यवस्था-अब से दो वर्ष पूर्व आधार पंजीकरण व संसोधन के लिए उपयुक्त आधार केंद्र उपलब्ध हुआ करते थे जहा पर सातों दिन किसी भी समय आधार की सुविधा ली जा सकती थी। आपको आधार एनरोलमेंट फॉर्म भरने में केंद्र संचालक मदद करते थे जो आज कम पढ़े लिखे लोगो के लिए सबसे बड़ी चुनौती है जहा आपसे आधार पंजीकरण निशुल्क व संसोधन के लिए 25 रु लिया जाता था। ना लम्बी लाइन थी ना कोई वेटिंग ना किसी को अपना ऑफिस का काम छोड़ना पडता था। ना ही फार्म खरीदने की जरुरत होती थी। छुट्ठी के दिन भी आधार कि सुविधा इन आधार केन्द्रों से ली जा सकती थी किसी को अपना जरुरी काम छोड़ने की जरुरत नहीं होती थी हर 500 मीटर पर ये सुविधा आसानी से उपलब्ध थी। लगभग 4 से 6 दिनों में आधारकार्ड उपलब्ध हो जाता था।

इस व्यवस्था में UIDAI द्वारा रजिस्ट्रार को और रजिस्ट्रार द्वारा कम्पनीयो को तय रेट के अनुसार पेमेंट किया जाता था  लेकिन आधार ओपरेटर इस व्यवस्था में अछुता रहा। सेकड़ो आधार ओपरेटरो ने हमे बताया की बिना किसी लिखतपढ़त के काम कराया जाता रहा कंपनीयो ने अपनी मनमर्जी से उसको कमीशन दिया और कई कंपनियों ने तो इन आधार ओपरेटर को इनकी मेंहनत का पैसा दिया ही नहीं अब वो अपनी मेहनत के पैसे के लिए इन संस्थाओ के चक्कर लगा रहे है। उधर इन आधार ओपरेटर के द्वारा स्वम के पैसे से खरीदी गई मशीने अब कूड़ा हो चुकी है। और आधार ओपरेटर बेरोजगार भी हो चला और कंगाल भी।

क्या है आधार पंजीकरण की नई व्यवस्था- यदि आप अब आधार बनवाना चाहते है तो आपको बेंको व पोस्टऑफिस का रुख करना होगा जहा पर बैंक और पोस्ट ऑफिस ने अपने अपने अलग से कानून बनाये हुए है। सबसे पहले आपको ये पता करना होगा किस बैंक में आधार बनाये जा रहे है। फिर आपको किसी तरह वहा से आधार पंजीकरण के लिए टोकन हासिल करना होगा। करना होगा की किस दिन टोकन दिए जायेगे और उस दिन आपको बैंक के बहार लाइन में लगना होगा। और फार्म स्वम ही भरना होगा।  हो सकता आपको उस दिन अधिक भीड़ की वजह से टोकन ना मिल पाए और आपको अगली तारीख दी जाये और यदि मिल जाता है।  तो आपको कुछ दिन बाद की डेट दी जाती है जिस दिन आपका पंजीकरण होने का सुभमुहर्रत निकला है यदि सब कुछ ठीक रहा तो तय तारीख पर आपका आधार बन भी सकता है उस दिन भी आपका किस समय नंबर लगेगा ये तय नहीं है इस नई व्यस्था में आपको तय मानक के अनुसार नया आधार पंजीकरण निशुल्क व आधार संसोधन के लिए 25 की जगह 50 रु चुकाने होंगे। यदि आधार आवेदन किसी कारण से निरस्त हो जाता  है तो पूरी प्रक्रिया दोबारा अपनानी होगी।

रिपोर्ट 

समर ठाकुर

वेब जर्नलिस्ट/सुदर्शन न्यूज़

Mob-9368004900

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


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