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इतिहास के सबसे क्रूर दमन में से एक साबित हो रहा है सबरीमाला मुद्दा… लगभग 40 हजार के ऊपर मुकदमा दर्ज

केरल के पूज्य सबरीमाला मंदिर की पवित्रता तथा परंपरा को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हिन्दुओं के खिलाफ केरल की वामपंथी सरकार बेहद ही क्रूरता के साथ पेश आ रही है. सबरीमाला की पवित्रता को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हिन्दुओं के खिलाफ केरल सरकार जिस तरह की दमनात्मक कार्यवाई कर रही है वह इतिहास का सबसे क्रूरतम दमन साबित हो रहा है. एकतरफ केरल पुलिस भगवान अयप्पा के भक्तों पर कहर बनकर टूट रही है तो दूसरी तरफ तथाकथित उन्मादी वामपंथी न सिर्फ भगवान अयप्पा के भक्तों पर हमला कर रहे हैं बल्कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के घरों पर भी बम से हमला किया गया है.

केरल की वामपंथी सरकार किस तरह से भगवान अयप्पा के भक्तों का दमन कर रही है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 40 हजार के करीब लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है तो वहीं 3 हजार से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की गई है. खबर के मुताबिक़, केरल पुलिस ने ऑपरेशन ब्रोकन विंडो के तहत हिंसा करने वाले 3178 लोगों को अबतक देशभर से गिरफ्तार किया ह. साथ ही 37,979 लोगों पर 1286 केस दर्ज किए जा चुके हैं.  केरल पुलिस की इस कार्यवाई से इतर उन्मादी तत्वों ने कन्नूर स्थित संघ के कार्यालय को आग लगा दी तो वहीं भाजपा सांसद के पैतृक मकान पर बम फेंक दिया.

भाजपा ने शनिवार को आरोप लगाया कि केरल में सबरीमला मंदिर के आस-पास हिंसा राज्य की एलडीएफ सरकार ने भड़काई. उसने कहा कि मामले से संवेदनशील तरीके से निपटने की जगह राज्य सरकार ने स्थिति और बिगाड़ दी, नतीजतन कई श्रद्धालु घायल हो गए और कई लोगों की मौत हुई. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जी वी एल नरसिम्हा राव ने कहा कि सबरीमला मुद्दा हिंदुओं के बारे में है, ना कि सत्तारूढ़ पार्टी के बारे में. उन्होंने कहा कि यह सबकुछ माकपा के गुंडों ने राज्य सरकार की पूरी शह और समर्थन से किया है. आरएसएस-भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा भड़काने का माकपा का इतिहास रहा है लेकिन आज वो श्रद्धालुओं तक को नहीं बख्श रहे हैं.  राव ने कहा कि यह श्रद्धालुओं का मुद्दा है, ना कि भाजपा का मुद्दा है. यह हिंदू समाज से जुड़ा मुद्दा है.

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