बदनाम करने की साजिश हो रही हिन्दू संगठनों को… एक ऐसी साजिश जिस से साफ़ इंकार हिन्दू दल का

राजनीतिक दाव पेच है या हैं कोई सोची समझी साजिश , अब रानी की झांसी में इस बढते डर का कैसे अंत होगा। उपद्रवियों की दहशत अब झांसी में इतनी

फैल गई की झांसी में रहने वाले लोग अब अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए भी तरस गए है। झांसी में उपद्रवियों ने इतना बवाल काटा कि लोगों को उसमें भारी

नुकसान उठाना पड़ा। खुलेआम बेखौफ तोड़- फोड़ का ये मामला अब इस ओर संकेत करता हैं कि इसके कही इसके पीछे कोई राजनीतिक खेल तो नहीं है।

आपको बता दे कि मिनर्वा चौराहे के पास उपद्रवियों ने जमकर बवाल काटा। उन्होंने बेखौफ ढंग से एक के बाद एक दर्जन भर ऑटो और चौपहिया वाहनों में

तोड़फोड़ की। इससे इलाके में दहशत फैल गई। आसपास के दुकानदारों ने दुकानों के धड़ाधड़ शटर डाल दिए। पुलिस के पहुंचने पर उपद्रवी घटना को अंजाम देकर

आसानी से मौके से भाग निकले।
मिनर्वा चौराहे पर पहुंचे उपद्रवियों ने चौराहे से कोतवाली की ओर जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे खड़ी होने वाली गाड़ियों को निशाना बनाया।

लाठी – डंडों से

उन्होंने गाड़ियों के शीशे तोड़ने शुरू कर दिए। जो गाड़ी सामने आई, उस पर उन्होंने डंडे बरसाए। इस तरह से उपद्रवियों ने एक के बाद एक दर्जन भर वाहनों को

क्षतिग्रस्त कर दिया। तकरीबन पंद्रह मिनट तक उनका यह तांडव बेखौफ अंदाज में चलता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। लेकिन, इससे पहले

कि पुलिस हरकत में आती, उपद्रवी घटना को अंजाम देकर नौ दो ग्यारह हो लिए।

इस घटना से आसपास के दुकानदार भी घबरा गए। लूटपाट के डर से उन्होंने

अपनी दुकानों के शटर नीचे गिरा दिए। पुलिस के पहुंचने के बाद ही दुकानें खोली गईं। बाद में सुरक्षा की दृष्टि से मिनर्वा चौराहे से मढ़िया महाकालेश्वर मंदिर मार्ग

तक भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनाती कर दी गई।
तोड़फोड़ की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गाड़ी में तोड़फोड़ की तहरीर मिलने पर आरोपियों के

खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
हिंदूवादी संगठनों को इस साजिश के लिए अब फ़साने कि कोशिश चल रही है . आपको बता दे कि कार्यकर्ताओं का कहना हैं कि ये तोड़ फोड़ हमने नहीं कि हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं ने कहा कि जुलूस को समाप्त कर सभी कार्यकर्ता वापस

चले गए थे। मिनर्वा चौराहे पर हुई घटना में हमारे किसी भी कार्यकर्ता का हाथ नहीं है। यह संगठन को बदनाम करने की साजिश है।

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