अब आगरा में लगे घर बिकाऊ हैं के पोस्टर.. कभी हिन्दू बाहुल्य हुआ करता था क्षेत्र

उत्तर प्रदेश के मेरठ में मजहबी उन्मादियों के कहर के कारण हिन्दुओं के पलायन का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि सूबे के ही यमुनानगरी के नाम से विख्यात से हिन्दुओं के पलायन की बड़ी खबर सामने आई है. मामला आगरा के शहीद नगर इलाके का है जहाँ के रहने वाले लोगों ने अपने घरों के बाहर एक पोस्टर चिपका दिया है जिस पर लिखा है ‘यह मकान बिकाऊ है.’ आगरा से पलायन की  खबर सामने आने के बाद सियासी हलकों में हड़कंप मच गया है.

आगरा के शहीद नगर से पलायन को मजबूर लोगों का कहना है कि कि हमारे घरों के आस- पास मांस बिक्री की दुकानें हैं। लोग हमारे दरवाजे पर अपनी गाड़ी खड़ी करते हैं और कई बार मांस खाया हुआ पत्तल भी फेंक जाते हैं, शोर मचाते हैं, महिलाओं/बच्चियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करते हैं. शाम को तो ऐसा लगता है जैसे ओपन बॉर खुला हुआ है. इतनी गंध आती है कि सहना मुश्किल हो जाता है. इस सबके बाद ये लोग बहुत गलत बातें करते हैं, इसलिए हमने पलायन का निर्णय लिया है.

शहीद नगर की रहने वाली मंजू ने बताया कि अराजकतत्वों के कारण घर की महिलाएं बाहर नहीं निकल पाती हैं. मकान की बालकनी में भी खड़ी नहीं हो सकती हैं. कभी भी कोई घटना हो सकती है. इलाके में पुलिस की पैट्रोलिंग होती नहीं है. मंजू ने बताया कि इलाके के लोगों ने अधिकारियों से कई बार शिकायत की और हमेशा की तरह से सरकारी तंत्र फेल साबित हुआ. वहीं शराबियों के उत्पात के लोगों के सब्र का बांध टूट गया और अपना घर बेचने पर मजबूर हो गये है.

एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि यहां का माहौल काफी खराब हो चुका है. हमें अपनी जान तथा बहिन बेटियों की इज्जत भी प्यारी है. लेकिन पिछले कुछ समय से जैसी स्थिति बन रही है वो हमारे व हमारे परिवार के लिए ठीक नहीं है, इसीलिए हम लोगों के सामने मकान बेचने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचा है. मामला सामने आने के बाद सीओ विकास जायसवाल ने कहा है कि इस मामले में कार्रवाई के आदेश एसओ को दिए गए हैं. जांच के बाद जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस के आला अधिकारी सिर्फ कार्रवाई करने की तसल्ली देकर मामले से पल्ला झाड़ते हुए नजर आ रहे हैं.

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