जानिए वो दो कौन लोग जिनपर है भाजपा की अगली नजर. नीतीश थे पहले नंबर पर


पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद भाजपा की निगाहें उन कद्दावर नेताओं पर टिकी हैं, जो वर्ष 2019 में राजग विरोधी नींव को मजबूत करने की दिशा में नए सिरे से पहल कर सकते हैं। नीतीश के बाद दुसरे नंबर पर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और सपा के पूर्व अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव को साध कर विपक्षी एकजुटता की बची-खुची संभावनाओं को भी भाजपा ध्वस्त करना चाहती है।

दरअसल, करीब तीन साल बाद भाजपा ने कांग्रेस को कई राज्यों की सत्ता से बाहर किया है। जिनमें से दो महत्वपूर्ण राज्य कर्नाटक और हिमाचल है। इन दोनों राज्य में इसी साल चुनाव होने हैं और वहां पार्टी अंतर्कलह में डूबी है। बता दें कि चुनाव से ठीक पहले शंकर सिंह वाघेला ने इस्तीफा देकर गुजरात में कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस की कोशिश गैर-राजग विपक्षी दलों के क्षत्रपों के सहारे वापसी करने की थी।
भाजपा अब कांग्रेस की इसी रणनीति को विफल करने में जुट गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ मंत्री के मुताबिक विपक्षी एकता की नींव मजबूत करने में नीतीश सबसे उपयोगी साबित हो सकते थे। ऐसे में नीतीश और जदयू को राजग के साथ लाना भाजपा के लिए बड़ी उपलब्धि है। कांग्रेस के शरद पवार अब इस दिशा में आगे नहीं बढ़ रहे हैं जबकि बसपा प्रमुख मायावती और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के बारे में पूर्वानुमान लगाना बेहद मुश्किल है। सपा में जारी खटपट से मुलायम सिंह दोराहे पर हैं। इसके अलावा कई अन्य विपक्षी नेताओं की राजनीति कांग्रेस के विरोध रही है। 

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