फौजी मंगेतर उधर हुआ बलिदान, इधर उसकी याद में त्याग दिए प्राण … रुला देगी प्रेम की ये अमर कहानी

बरखेड़ा सोमा निवासी रानी पिता मनोहरलाल धाकड़ की शादी सैनिक नीलेश धाकड़ से होनी थी। चार दिन से गुमसुम रानी को परिवार वाले एक पल के लिए भी

अकेला नहीं छोड़ रहे थे। रानी ने अपने माता-पिता सहित भाई को अपने हाथ से खाना बनाकर खिलाया एवं पिता के साथ बैठकर खुद ने भी खाया। घरवालों को

लगा कि रानी अब सदमे से उबर रही है। दिवंगत सैनिक नीलेश धाकड़ की मौत के चार दिन बाद उसकी मंगेतर ने भी फांसी लगाकर जान दे दी।

रानी ने बरखेड़ा

सोमा स्थित अपने घर पर फांसी लगा ली। सुबह भाई ने देखा तो बहन लोहे की रॉड से लटक रही थी। उसे इस हाल में देख भाई चीखते हुए भागा और अन्य लोगों

को जानकारी दी।
आपको बता दे कि श्रीनगर में एक हादसे में गोली लगने से नीलेश की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही रानी सदमे में थी दोनों की शादी अगले साल 28 अप्रैल

को होनी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

पिता मनोहर अपने खेत पर मोटर पंप चालू करने के लिए चले गए। उसी बीच रानी उठकर मवेशियों के बाड़े में गई और फांसी लगाकर जान दे दी। कुछ देर बाद

जब भाई निलेश दूध निकालने के लिए मवेशियों के बाड़े में गया तो फंदे पर लटकी बहन को देखकर उसके हाथ-पैर फूल गए। चीखकर भागते हुए परिवारजनों को

बताया और हाटपिपल्या पुलिस को सूचना दी। हाटपिपल्या टीआई बीएस गौर सहित बल पहुंचा और शव को पोस्टमार्टम के लिए बागली भिजवाया।

रानी के चचेरे भाई दशरथ ने बताया कि मंगेतर नीलेश की मौत की सूचना लगते ही रानी सदमे में चली गई थी। उसने खाना-पीना भी नहीं के बराबर कर दिया

था। उसकी यह हालत देख हमें डर था कि वह कहीं कोई गलत कदम ना उठा ले इसलिए उसे लगातार सदमे से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे।
हमेसा चहकने वाली रानी चार दिन से गुमसुम थी। सगाई होने के बाद कुछ दिन पूर्व ही दोनों की शादी की तारीख तय हुई थी और दोनों परिवार खुशी के साथ

विवाह की तैयारी में जुटने लगे थे।

एक के बाद एक दोनों की मौत से दोनों परिवारों पर दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा।
आपको बता दे कि बीए तक पढ़ी रानी तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। अप्रैल 2018 को उसकी भी शादी तय थी। शव

पोस्टमार्टम के बाद गांव में लाया गया जहां रानी का दाह संस्कार हुआ।
देवास के घिचलाय के रहने वाले सेना के जवान नीलेश धाकड़ की श्रीनगर में एक हादसे में गोली लगने से मौत हो गई थी। सैन्य सम्मान के साथ गांव में ही

उसका अंतिम संस्कार हुआ था। परिजनों ने नीलेश की मौत की सूचना जब बेटी ज्योति को बताई तो वह सदमें में चली गई थी। परिजनों ने उसे खूब समझाया

लेकिन वह सदमे से बाहर ही नहीं आ पा रही थी। संभवत: इसी कारण उसने मौत को गले लगा लिया।

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