अवैध खनन के खिलाफ हमने लगातार चलाई मुहीम, अब शुरु हुआ है एक एक का हिसाब जिसमे पहला निशाना बने हैं लिप्त अधिकारी

अवैध खनन के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब सख्ती बरत ली हैं। जो भी अधिकारी अवैध खनन को शह दे रहे हैं। उन पर अब गाज गिरने वाली हैं। आपको

बता दे कि गोरखपुर के मौजूदा डीएम राजीव रौतेला और कानपुर देहात के डीएम राकेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। दोनों पर अवैध खनन के

मामले में जांच चल रही थी। मामला यूपी के रामपुर जिले का है जहां पर तैनाती के दौरान डीएम राजीव रौतेला और डीएम राकेश कुमार सिंह द्वारा खनन

माफियाओं को संरक्षण दिया गया था और इनकी नाक के नीचे खनन अपराध फल-फूल रहा था।

इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई थी

जिस पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने दोनों तत्कालीन डीएम को निलंबित कर दिया है।
हाईकोर्ट में दाखिल इस याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद 7 दिसंबर को ही फैसला हो गया था। लेकिन अब जब इस मुकदमे का फैसला ऑनलाइन किया गया

और विज्ञप्ति जारी हुई, उसके बाद कार्यवाही की जानकारी मीडिया और अधिकारियों को दी गई।
गौरतलब है कि 2 साल पहले रामपुर जिले के दढियाल निवासी मकसूद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की थी और आरोप लगाया था कि

प्रशासन की शह पर रामपुर में अवैध खनन हो रहा है।
इसी मामले में अब हाईकोर्ट ने सख्त कार्रवाई की है, लेकिन यह कार्रवाई का क्रम अब यही नहीं रुकेगा।

तत्कालीन अन्य अधिकारियों के विरुद्ध भी अब जांच की

जाएगी और उनके विरुद्ध भी इस मामले में कार्रवाई होना तय माना जा रहा है क्योंकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में मुख्य सचिव को साफ निर्देश दिया है कि पूरे

मामले की जांच कराएं और जो भी अधिकारी और इस मामले में लिप्त है उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
रामपुर के मकसूद की जनहित याचिका पर सुनवाई शुरू हुई तो पहली बार 24 अगस्त 2015 को ही हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में प्रशासन को कार्रवाई का आदेश

दिया था।

उस वक्त रामपुर के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह थे और कोर्ट के आदेश पर उन्होंने स्टोन क्रशर को सीज कर दिया था, लेकिन राकेश सिंह के ट्रांसफर

के बाद डीएम बनकर आये राजीव रौतेला ने स्टोन क्रशर का फिर से नवीनीकरण कर दिया। मकसूद ने फिर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की तो हाईकोर्ट के मुख्य

न्यायाधीश डीबी भोंसले और न्यायमूर्ति एमके गुप्ता की खंडपीठ ने सुनवाई शुरू की। 7 दिसंबर को ही सुनवाई पूरी हुई, लेकिन विधिक प्रक्रिया के तहत अब फैसला

हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड हुआ तो हड़कंप मच गया। कोर्ट ने रामपुर के तत्कालीन डीएम राजीव रौतेला और राकेश कुमार सिंह को निलंबित कर दिया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान जब मौजूदा डीएम शिव सहाय अवस्थी को तलब किया तो पता चला अब स्टोन क्रशर सीज के साथ ही इसके संचालकों पर

गैंगस्टर और गुंडा एक्ट भी लगाया गया है। अदालत ने मौजूदा डीएम की कार्रवाई को ठीक माना लेकिन पूर्व दो डीएम की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हुये। जिसके बाद

दोनों तत्कालीन डीएम को निलंबित करते हुये अपने आदेश में मुख्य सचिव से रामपुर जिले की तत्कालीन हिस्ट्री खोलने को कहा है जिसमें रामपुर में तैनात रहे

सभी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की इस मामले में भूमिका की जांच होगी और दोषी होने पर विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई की जायागी। इलाहाबाद

हाईकोर्ट ने 16 जनवरी को कार्रवाई की रिपोर्ट की है।

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