बधाई दीजिये अमेरिका की रहने वाली ईवी को जिन्होंने भारत भूमि को चुना अपनी ससुराल और महेश को अपना जीवन साथी.. जबकि कुछ लोगों को लगता है यहां

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह जैसे कुछ लोग हैं, जिन्हें हिंदुस्तान असहिष्णु नजर आता है, जिन्हें हिंदुस्तान में डर लगता है. ये लोग कहते हैं कि हिंदुस्तान में मोहब्बत के नफरत ने ले ली है तथा इससे ये लोग डरने लगे हैं. लेकिन वहीं अमेरिकी युवती ईवी है जो करीब तीन माह पहले श्रीकृष्ण के क्षेत्र ब्रज घूमने आई थी. ईवी आई तो थी हिंदुस्तान घुमने लेकिन फिर वो हमेशा के लिए यहीं की होकर रह गई. ईवी को हिंदुस्तानी युवक महेश से प्यार हो गया तथा दोनों ने साथ जीने मरने की कसमें खा लीं. शुक्रवार को मथुरा के राधाकुंड स्थित राधा माधव मंदिर में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचा ली, ईवी ने हिंदुस्तान को अपनी ससुराल बना लिया.

आपको बता दें कि अमेरिका की रहने वाली क्रिश्चियन युवती ईवी करीब तीन माह पूर्व ब्रज घूमने आई थी. करीब एक माह पूर्व उसकी मुलाकात अहमद नगर महाराष्ट्र के रहने वाले महेश मौरे से हुई, जो करीब छह साल से राधाकुंड में रहकर भजन कर रहे हैं. फॉर्मेसी कर चुके महेश ने ईवी को ब्रज दर्शन कराना प्रारंभ किया. इसी दौरान इन दोनों के बीच प्यार ने भी अपना स्थान बनाना शुरू कर दिया. ईवी की मानें तो वो भारतीय संस्कृति से इतना प्रभावित हुई कि उन्होंने भारतीय युवक और यहां के रीति-रिवाज से शादी करने का फैसला किया.

शुक्रवार को महेश-ईवी दूल्हा-दुल्हन के लिबास में सज-धजकर मंदिर पहुंचे. आचार्य ब्रजकिशोर गोस्वामी ने विवाह की रस्में संपन्न कराईं. दूल्हा-दुल्हन ने एक दूसरे को अंगूठी पहनाने के बाद जयमाला डाली गई. अग्नि को साक्षी मनाकर सात फेरे लिए. महेश ने विदेशी दुल्हन ईवी की मांग में सिंदूर भरा. इस दौरान महेश की मां रंजना, पिता पोपट राव, मामा संतोष और चाचा बाबाजी मौजूद रहे. ईवी की मां शादी में नहीं आ सकीं. महेश ने बताया कि वो भी वीजा बनवाकर जल्द उनकी मां का आशीर्वाद लेने अमेरिका जाएंगें. शादी के बाद दोनों गिरिराजजी की परिक्रमा करने चले गए.  सुदर्शन परिवार ईवी तथा महेश को उनके नवदांपत्य की  सफलता के लिए प्रभु श्रीराम से कामना करता है तथा दोनों को हार्दिक बधाई देता है.

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