केरल तथा बंगाल की राह पर मध्यप्रदेश… एक और बीजेपी कार्यकर्ता का बेरहमी से किया गया क़त्ल


मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनना भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के लिए काल प्रतीत हो रहा है. कमलनाथ सरकार को शपथ लिए अभी 1 महीना हुआ है और इस दौरान तीन बीजेपी नेताओं की क्रूरतम ह्त्या कर दी गई है. पहले मंदसौर में बीजेपी नेता की ह्त्या की गई, फिर बड़वानी में बीजेपी नेता की ह्त्या की गई तो अब ग्वालियर में बीजेपी कार्यकर्ता का क्रूरतम तरीके से क़त्ल किया गया है. 1 महीने की कमलनाथ सरकार में जिस तरह से भाजपा नेताओं पर हमले हुए हैं, उनकी हत्याएं हुए हैं, उसने केरल, बगाल तथा कर्नाटक की याद दिला दी है जहाँ चुन चुन कर बीजेपी तथा आरएसएस के कार्यकर्ताओं की जान ली जाती रही है.

खबर के मुताबिक़, ग्वालियर में भाजपा कार्यकर्ता की ह्त्या की गई है वह भाजपा के ग्रामीण जिला मंत्री नरेंद्र रावत का भाई था. उसे धारदार हथियार से गोदा गया. उसके शरीर पर कई निशान मिले हैं. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के बैलगढ़ा थाना क्षेत्र में एक युवक का शव पार्वती नदी पर पलाईछा ब्रिज के नीचे होने की सूचना मिली. शिनाख्त करने पर मृतक की पहचान छत्रपाल सिंह रावत (35) निवासी खेड़ा के रुप में हुई. छत्रपाल सिंह पूर्व सरपंच और भाजपा जिला मंत्री ग्रामीण नरेंद्र रावत का भाई है. जिस समय नरेंद्र रावत को भाई की हत्या की सूचना मिली उस समय वो भाजपा नेताओं की हत्या के विरोध में भाजपा के प्रांत स्तरीय विरोध के तहत प्रदेश सरकार के पुतला दहन कार्यक्रम की तैयारी में लगे हुए थे.

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक छत्रपाल सिंह बस पर कंडक्टरी और खेती का काम करने के अलावा अपने भाई के साथ काम भी करता था. वो रविवार सुबह भितरवार स्थित घर से खेड़ागांव के लिए निकला था लेकिन सोमवार सुबह पलाईछा ब्रिज के नीचे नदी किनारे उसका शव मिला. एक के बाद एक बीजेपी नेताओं की ह्त्या से ये सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं कि  आखिर किस उद्देश्य से चुन चुन कर बीजेपी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है तथा इसके पीछे कौन हैं? कहीं इसके पीछे कोई राजनैतिक साजिश तो नहीं है?


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