पहले लौटाए पुरस्कार, अब अपनाया गया नया पैंतरा.. निशाने पर फिर एक बार हिन्दू समाज


इस बार तरीका बदल गया है लेकिन उद्देश्य वही है. निशाने पर एक बार फिर से हिन्दू समाज है.. बस इस बार अवार्ड नहीं लौटाया जा रहा बल्कि लिंचिंग की सेलेक्टिव घटनाओं की आड़ में नाम बदलने का नया पैंतरा खेलने की कोशिश की जा रही है. जिस तरह पहले देश की कथित खान मार्केट गैंग व बुद्धिजीवियों ने असहिष्णुता का नारा लगाकार अवार्ड वापसी की थी तथा हिन्दुओं को निशाना बनाने की नाकामयाब कोशिश की थी, ठीक उसी तरह एक बार फिर से हिन्दू समाज को निशाना बनाया गया है तथा ये निशाना मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार के एक मुस्लिम नौकरशाह नियाज खान ने साधा है.

इस्लामिक मुल्क इंडोनेशिया में अपने अधिकारी की गंदी बातें और गंदी मांग को फोन में टेप कर न्याय मांगने वाली महिला का हुआ ये हाल

आपको बता दें कि कथित मॉब लिंचिंग की सेलेक्टिव घटनाओं को लेकर मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार में मौजूद एक मुस्लिम नौकरशाह अपना नाम बदलना चाहता है. शनिवार को ट्वीट के जरिए मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी नियाज खान ने देश में मौजूद मुस्लिमों समुदाय की सुरक्षा को लेकर डर जाहिर किया तथा अपना नाम बदलने की इच्छा जाहिर की. नियाज खान ने कहा है कि वह एक नए नाम की तलाश कर रहे हैं ताकि अपनी मुस्लिम पहचान को छुपा सके. यदि वह खुद को नफरत की तलवार से बचाना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करना ही होगा क्योंकि नया नाम मुझे हिंसक भीड़ से बचा सकता है.

7 माह की गर्भवती महिला पर इसलिए किया हमला, क्योंकि वो बीजेपी कार्यकर्ता थी.. दरिंदगी का नया रूप

नियाज खान ने आगे कहा कि वह किस तरह से नफरत और हिंसा से बच सकते हैं क्योंकि अपने लुक के कारण वह ठेठ मुस्लिम नहीं लगते हैं जो टोपी लगाता है, कुर्ता पहनता है और दाढ़ी रखता है. जिसके कारण वह भीड़ को अपना नकली नाम बता सकते हैं. उन्होंने कहा कि यह मेरे भाई पर लागू नहीं होता. नियाज ने कहा, ‘यदि मेरा भाई पारंपरिक कपड़े पहनता है और दाढ़ी रखता है तो वह सबसे खतरनाक परिस्थिति में है.’

11 जुलाई – “विश्व जनसंख्या दिवस” पर संकल्प लीजिये धर्म और राष्ट्र की रक्षा के अंतिम विकल्प “जनसंख्या नियंत्रण कानून” के लिए सुरेश चव्हाणके जी के साथ संघर्ष का तथा आज पहुँचिये जंतर-मंतर

उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को अपने नाम बदलने शुरू कर देने चाहिए क्योंकि कोई भी संस्था उनकी रक्षा करने में सक्षम नहीं है. बॉलीवुड में मौजूद अपने समुदाय के अभिनेताओं से उन्होंने कहा कि वह अपनी फिल्मों को बचाने के लिए अपने नए नाम ढूंढ ले. उन्होंने कहा कि टॉप अभिनेताओं की फिल्में भी फ्लॉप होना शुरू हो गई हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि ऐसा क्यों हो रहा है. उन्होंने कहा कि ये सब उन्हें मजबूर कर रहा है कि वह अपना नाम बदल लें तथा उनके समुदाय के लोग भी अपना नाम बदल लें क्योंकि यही उनके लिए अच्छा होगा.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...