पुलिस पर 14 किलोमीटर तक गोलियां बरसा कर भागता रहा 25 हजार का इनामी नावेद. प्रार्थना कीजिए जांबाज़ सिपाही महेंद्र के लिए जिसे मुठभेड़ में लगी है गोली

ये पुलिस की कर्मठता ही ही जो उन्होंने 14 किलोमीटर तक गोलियां बरसा रहे अपराधी को भागने नहीं दिया और आख़िरकार उसको दबोच ही लिया . लेकिन यहाँ हैरान कर देने वाला दुस्साहस दिखा उस अपराधी नावेद में जो इस से पहले भी एक सिपाही की हत्या का अभियुक्त रह चुका है . विदित हो कि उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले की पुलिस ने एक और कार्य को बाखूबी अंजाम दिया है जिसके बाद क्षेत्र में शांति और संतोष का माहौल है .

विदित हो कि पुलिस के शौर्य और अपराधी के दुस्साहस का ये मामला प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज कोतवाली इलाके का है। यहां प्रतापगढ़ पुलिस की स्वाट टीम और 25 हजार के इनामिया अपराधी नावेद के बीच फ़िल्मी अंदाज़ में मुठभेड़ हुई। नावेद इस इलाके में डोजियर बनाने गए सिपाही राजकुमार की हत्या में मुख्य आरोपी का सहयोगी था। नावेद पर टाइनी शाखा बैंक लूट जैसे आधा दर्जन केस दर्ज थे। वह सालों से वांछित चल रहा था। स्वाट टीम प्रभारी सियाराम वर्मा अपनी टीम के साथ प्रयागराज-अयोध्या हाइवे के भुपियामऊ चौराहे पर गस्त पर थे। इसी समय सर्विलांस टीम से उन्हें सूचना मिली कि बाइक सवारों पर कड़े से नजर रखें। स्वाट टीम को वहीं एक बाइक तेजी से गुजरती दिखी। टीम ने उसका पीछा किया तो बाइक सवार ने फायरिंग शुरू कर दी।

अपने ऊपर गोलियां बरसती देख कर पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग कर दी। इसी के साथ ही आगे पड़ने वाली मन्धाता कोतवाली पुलिस को भी भाग रहे अपराधी के बारे में बताकर आगे से घेराबंदी करने को कहा गया । जिस पर उक्त हाइवे के विश्वनाथगंज में मन्धाता पुलिस ने भी काम्बिंग की। आगे-पीछे पुलिस देख वह बाइक हाइवे छोड़ शनिदेव मन्दिर की तरफ घूम गई। बीच-बीच में दोनों तरफ से फायरिंग होती रही।

वहीं, शनिदेव मन्दिर के पास बकुलाही नदी पुल के दूसरी तरफ शनिदेव चौकी की पुलिस भी घेराबंदी कर चुकी थी। कोई रास्ता न दिखने पर शातिर नावेद ने बाइक सड़क पर छोड़ दी। वह जंगल की ओर भागा। जहां स्वाट टीम प्रभारी ने उसे ललकारा। इतने में नावेद की पिस्टल से निकली एक गोली सिपाही महेंद्र सिंह के बाएं बाजू में जा धंसी। फिर स्वाट टीम ने लक्ष्य बनाकर फायर किया तो गोली नावेद के बाएं पैर में पीछे की ओर जा धंसी। जिसके बाद नावेद काबू में आ सका। अपराधी नावेद पुलिस की आत्मरक्षा में चली गोली से घायल था और सिपाही महेंद्र का भी खून निकल रहा था . फिलहाल दोनों घायलों को अस्पताल में इलाज के दाखिल कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को इलाहाबाद रेफर कर दिया गया है . प्रतापगढ़ पुलिस के जांबाज़ सिपाही महेंद्र के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना आम जनमानस द्वारा की जा रही है और अपराधी नावेद को कठोरतम सजा देने की वकालत की है .

 

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