भाजपा से गठबंधन तोड़ने के बाद अब BJP अध्यक्ष अमित शाह ने चिट्ठी लिखकर दिया चंद्रबाबू नायडू को जवाब…जानिए क्या लिखा है चिट्ठी में

4 साल तक केंद्र की मोदी सरकार में सहयोगी रही तेलगूदेशम पार्टी के मुखिया तथा आँध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य को विशेष दर्जे की मांग को लेकर भाजपा से न सिर्फ गठबंधन तोड़ लिया बल्कि सरकार के खिलाफ अविश्वाश प्रस्ताव का नोटिस भी दे दिया. अब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक ओपन लैटर लिखकर उन्हें जवाब दिया है तथा नायडू को एक अवसरवादी नेता बताया है.

तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) द्वारा NDA से अलग होने के करीब हफ्ते भर बाद अमित शाह ने 23 मार्च को लिखी इस चिट्ठी में कहा कि आपका फैसला विकास कार्य की चिंताओं के बजाए सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक नफे-नुकसान के लिए उठाया गया कदम प्रतीत होता है तथा आपका ये फैसला एकतरफा तथा दुर्भाग्यपूर्ण है. अमित शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विकास को लेकर मोदी सरकार की प्रतिबद्धता दृढ़ है और इस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. वहीं एनडीए से अलग होने के नायडू के फैसले को दुर्भायपूर्ण करार देते हुए शाह ने पत्र में कहा कि यह फैसला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसमें प्रदेश के विकास को दरकिनार किया गया है. शाह ने लिखा कि भाजपा हमेशा से ही विकास और काम करने की राजनीति में भरोसा रखती है और यही हमारा प्रेरणा स्रोत है.

शाह ने लिखा हि कि आंध्र प्रदेश के बंटवारे से लेकर आजतक भाजपा ने हमेशा आंध्र प्रदेश के लोगों की आवाज को उठाया है और लोगों के हितों के लिए काम किया है। हम लगातार तेलगु लोगों और तेलगु राज्य के हित के बारे में सोचते हैं. कांग्रेस ने प्रदेश के बंटवारे में लोगों के हितों का खयाल नहीं रखा, जिसकी वजह से लोगों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है. कांग्रेस ने बंटवारे के दौरान लोगों की संवेदना का बिल्कुल भी खयाल नहीं रखा जबकि बीजेपी ने ‘दोनों तेलुगु राज्यों में तेलुगु लोगों के हितों की सदैव रक्षा की’ है. शाह ने अपने पत्र में लिखा कि आंध्र प्रदेश का विकास हमारी सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है और इसका उदाहरण है कि हम प्रदेश में शैक्षणिक संस्थान, आधारभूत संरचना समेत अनेक विकास कार्यो में विशेष सहयोग दे रहे हैं.

अमित शाह ने अपने इस खुले खत में बताया कि अगर पहले के पांच साल से तुलना की जाए तो केंद्र की एनडीए सरकार ने आंध्र प्रदेश को मिलने वाली मदद दोगुनी कर दी है. इसमें उन्होंने बताया कि पिछली यूपीए सरकार के दौरान जहां राज्य को सिर्फ 1,17,967 करोड़ की मदद मिली थी, वहीं एनडीए सरकार के दौरान यह 2,44,271 करोड़ दी जा चुकी है. राज्य को मिलने वाली इमदाद में इतनी बढ़ोतरी के बावजूद सितंबर 2016 में केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश को विशेष सहायता उपाय (वित्तीय पैकेज) दिया जो किसी भी विशेष दर्जा प्राप्त राज्य को दिए जाने वाले पैकेज के बराबर है. उस वक्त आपकी राज्य सरकार ने इस पैकेज की खूब सराहना की थी. अब दो साल बाद आप यू-टर्न लेकर फिर से विशेष दर्जे की मांग पर आ गए हैं इसका कारण राज्य का विकास नहीं बल्कि आपकी अवसरवादिता तथा राजनीति है राज्य का विकास नहीं.

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