अब उन्मादियों को जमीन सुंघा देने के मूड में मेरठ पुलिस.. उठा लिए 43 उन्मादी, भेजे गये जेल

शायद वो भूल गये थे कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार है जहाँ गुंडों/बावलियों को राजनैतिक संरक्षण नहीं दिया जाता बल्कि उनको जमीन सुंघाई जाती है, हाथों में हथकड़ियाँ डाल उन्हें सलाखों के पीछे डाला जाता है. लेकिन ये सब को याद को याद किये बिना उन्होंने मेरठ को हिंसा की आग में झुलसाने का प्रयास किया, जिसका जवाब उत्तर प्रदेश की मेरठ पुलिस ने अपनी भाषा में देना शुरू कर दिया है.

2 साल तक हर दिन बलात्कार के बाद बलात्कार के बाद पूंछता था मुज्जफर लतीफ़, बोल बनेगी मुसलमान.. मना करने पर फिर होता था बलात्कार

आपको बता दें कि मेरठ शहर की फिजा बिगाड़ने की कोशिश करने वाले उन्मादियों को मेरठ पुलिस जमीन सुंघाने पर आमादा नजर आ रही है. मेरठ में हिंसा करने वाले 43 बवालियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में 75 आरोपी नामजद हैं और अब तक 42 आरोपी चिह्नित किए गए हैं. बता दें कि झारखंड के तबरेज अंसारी मामले पर बीते रविवार को युवा सेवा समिति अध्यक्ष बदर अली ने पहले सभा की और फिर बिना अनुमति जुलूस निकाला था. इस दौरान उन्मादियों ने हिंसा की थी, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित की.

4 जुलाई: पुण्यतिथि हिंदुत्व के अमर स्तम्भ स्वामी विवेकानंद जी.. स्वामी जी ने कहा था- एक हिन्दू का धर्मांतरण एक शत्रु का बढ़ना है

इसके बाद पांच थानों में 75 नामजद और तीन हजार अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किए गए. सोमवार सुबह मवाना में फिर बिना अनुमति जुलूस निकालने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. इसके बाद पुलिस ने सोमवार रात में ही 43 बवालियों को गिरफ्तार कर लिया. कोर्ट ने सभी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. लेकिन मुख्य आरोपी बदर अली अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है. मंगलवार को भी शहर में तनावपूर्ण शांति रही. वहीं जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने पुलिस फोर्स के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला तथा चेतावनी दी कि अगर किसी ने भी उत्पात मचाने की कोशिश की, तो उससे कठोरता से निपटा जाएगा.

राष्ट्रवादी पत्रकारिता को समर्थन देने के लिए हमें सहयोग करेंनीचे लिंक पर जाऐं

सुदर्शन न्यूज को आर्थिक सहयोग करने के लिए नीचे DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW