चाकू तो गाय काटने के लिए थी, तमंचा और कारतूस किसके लिए रखा था अहमद मियां

गोतस्करों के खिलाफ सत्ता तथा प्रशासन की कड़ी कार्यवाई के बाद उन्मादी गोतस्कर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं तथा न सिर्फ कानून बल्कि हिन्दू आस्थाओं को सीधी चुनौती दे रहे हैं. गोकशी का एसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सामने आया है जहाँ पुलिस ने छापेमारी के दौरान गौकशी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मुठभेड में दो गौकशों को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से भारी मात्रा में गौमांस सहित तमंचा व गौहत्या के उपकरण बरामद हुए हैं.

खबर के मुताबिक़, मुजफ्फरनगर के थाना भोपा क्षेत्र के ग्राम सीकरी स्थित ईदगाह के पास खोले के जंगल में गौकशी होने की सूचना पुलिस को मिली. जिस पर सीकरी चौकी प्रभारी जगपाल सिंह ने कांस्टेबल सचिन व नितिन तथा होमगार्डों संग छापेमारी की. पुलिस को नजदीक देख गौकशों ने पुलिस टीम पर फायर झोंक दिया, जिसमें सिपाही सचिन कुमार बाल-बाल बच गया. पुलिस ने साहस का परिचय देते हुए दो गौकशों अहमद मियां व मुफीद आलम पुत्रगण इशरत को गिरफ्तार कर लिया, जिनके पास से एक तमंचा 315 बोर व कारतूस बरामद हुए. पुलिस ने मौके से 1 कुन्तल गौमांस, खाल, छूरी, कुल्हाडी, कुल्हाडी, बांट तराजू आदि बरामद किये हैं.

गोहत्यारों के पास से गोकशी के लिए कुल्हाडी चाकू आदि बरामद होना तो आम बात है लेकिन जिस तरह से यहाँ तमंचा तथा कारतूस बरामद किये गये हैं, उससे तमाम सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि कहीं गोकशी के साथ इंसानी खून बहाने की साजिश भी अब रची जाने लगी है? थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपियों पर मुकदमा अपराध संख्या 40/19, 41/19, 42/19, 43/19 धारा 307 3/5क/8, 3/25, 4/25 के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है. अन्य आरोपियों के सम्बंध में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. अन्य नाम सामने आने पर उन पर भी कार्रवाई की जायेगी. य

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