टीपू जयन्ती का विरोध करने पर पत्रकार गिरफ्तार, बीजेपी बोली- खतरे में हिन्दू

प्रेस की आजादी की बात करने वाले तथाकथित बुद्धिजीवियों, पत्रकारों को आईना दिखाया है कांग्रेस तथा जेडीएस की कर्नाटक सरकार ने जहाँ एक पत्रकार को टीपू जयन्ती के खिलाफ लिखने के कारण गिरफ्तार कर लिया गया है. आश्चर्य की बात ये है कि जो लोग आये दिन केंद्र सरकार पर आरोप लगाते रहते हैं कि इस सरकार में press की आजादी पर हमला किया जा रहा है, प्रेस को गुलाम बनाने का प्रयास किया जा रहा है, वह सभी इस पत्रकार की गिरफ्तारी पर चुप हैं. गौरी लंकेश की ह्त्या भी कर्नाटक में हुई थी तो उस पर जबर्दस्त हायतौबा मचाया गया था लेकिन अब उसी कर्नाटक में टीपू जयंती का विरोध करने के कारण पत्रकार को गिरफ्तार किया गया तो इनकी जुबान बंद हो गई.

खबर के मुताबिक़, सोमवार रात को “असीमा” पत्रिका के संपादक तथा लेखक संतोष थमैय्या की गिरफ्तारी इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने टीपू सुल्तान के अत्याचारों के बारे में लिखा था तथा उसकी जयन्ती मनाने का विरोध किया था. आपको बता दें कि संतोष थमैय्या कई राष्ट्रवादी पुस्तकों के लेखक हैं. पुलिस का कहना है कि संतोष थमैय्या ने टीपू जयन्ती के खिलाफ लिखे अपने लेख में कुछ ऐसी बाते लिखी हैं जिससे अल्पसंख्यकों की भावनाएं आहत हो सकती हैं. बताया गया है कि संतोष थमैय्या को तुमकुर के मधुगिरी में उनके सुसराल से गिरफ्तार किया गया.

टीपू जयन्ती का विरोध करने के वाले पत्रकार की गिरफ्तारी के बाद राजनीति गरमा गई है तथा इस गिरफ्तारी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य साकार पर हमला बोला है. भाजपा का कहना है कि कर्नाटक की वर्तमान सरकार में हिन्दू हितों की बात करना, यहाँ तक कि टीपू जैसे आक्रान्ताओं की सच्चाई को बताना भी गुनाह बन गया है. भाजपा का कहना है कि राज्य में हिन्दुओं के लिए आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है तथा अभिव्यक्ति की आजादी को कुचला जा रहा है. भाजपा विधायक तथा पार्टी महासचिव सीटी रवि का कहना है कि संतोष थमैय्या ने टीपू सुलतान द्वारा हिन्दुओं पर किये गये अत्याचारों के बारे में बताया तो उनकी गिरफ्तारी हो गई. उन्होंने कहा कि कुछ छद्म बुद्धिजीवी लगातार हिन्दू आस्थाओं के खिलाफ खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं तथा खुले घूम रहे हैं. भाजपा ने कहा है कि अगर संतोष थमैय्या को रिहा नहीं किया गया तो भाजपा आन्दोलन करेगी.

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