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दिल्ली जैसी कला पंजाब में भी शुरु. क्या टूट जाऐगी “आप” ?

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी में पंजाब विधानसभा और दिल्ली नगर निगम चुनावों
में मिली करारी हार के बाद से ही पार्टी के नेताओं के दारा ही पार्टी हाईकमान के
खिलाफ मोर्चा खोलनें से हुआ घमासान है कि रुकने का नाम ही नही ले  रहा है। यहां तक की इसकी आंच पंजाब तक भी आ
पहुंची है। पंजाब में पार्टी के संजोयक 
रहे गुरप्रीत सिंह वड़ैच की जगह सांसद भगवंत मान को प्रदेश अघ्यक्ष नियुक्त
किए जाने  से अब पंजाब ईकाई में भी विरोध
के स्वर काफी बुलंद हो गए है।जिसके वजह से पार्टी काफी हद तक अस्त-व्यस्त होती जा
रही है। और इसी के साथ इस बिखराव की शुरुआत करते हुए वड़ैच ने पार्टी की प्राथमिक
सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने कहा है कि वो काफी हद तक पार्टी की
कार्यप्रणाली से व्यथित है और अगर उन्हें पार्टी के संयोजक पद से हटाना ही था तो
उन्हें पहले इस्तीफा देने के लिए एक मौका दिया जाना चाहिए था। उन्होंने खुद को इस
तरह से संयोजक पद से हटाए जाने को अपना अपमान बताया है।

अगर आपको याद हो तो इससे पहले भी पूर्व विधायक सुखपाल सिंह खैरा
भी मुख्य सचेतक  पद से इस्तीफा दें चुके
है। हालांकि पार्टी के राष्टीय संयोजक और वर्तमान में दिल्ली के मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल ने इसे नामंजुर कर दिया था।

उधर दूसरी ओर निवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष भगवंत ने नेता उपकार
सिंह संधु को कुछ पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बुधवार को पार्टी की प्राथमिक
सदस्यता से बर्खास्त कर दिया था।

आपको बता दें कि उन्होंने अपने एक ब्यान में ये
कहा था कि कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ है लेकिन उनके दारा की गई किसी भी प्रकार की
विरोधी गतिविधी और अनुशासनहीनता को बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। गौरतलब
है कि संधू पंजाब विधानसभा के साथ हुए अर्मतसर लोकसभा उपचुनाव में आप पार्टी के
उम्मीदवार थे। और इससे पूर्व वह अकाली दल में थे।  

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