जो किसानों की मौत पर मचा रहे थे हल्ला वहीँ कातिल थे किसान नेता की … वो कोई नहीं अपराधी अतीक का भाई था


योगी राज में माफिया किस्म के समाजवादी पार्टी के बाहुबली नेता व पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके परिवार पर क़ानून का शिकंजा लगातार कंसता जा रहा है। अतीक अहमद के बाद कानून के निशाने पर था 12 हजार रुपये इनामी शूटर जुल्फिकार उर्फ तोता, जिसको पुलिस ने गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। दरअसल, शुटर तोता को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस पुछताछ में लगी थी, जिसके बाद मुंह खोला तो सबको चौंका दिया।

पुछताछ के दौरान शुटर ने कई खुलासे करते हुए पुलिस को बताया कि किसान नेता जितेन्द्र पटेल की हत्या अतीक के भाई पूर्व विधायक अशरफ ने अपने हाथों से की थी।

तोता ने पुलिस को बताया है कि जितेन्द्र को पहली गोली अशरफ ने और दूसरी उसने खुद मारी थी। हत्या के बाद जितेन्द्र की लाश राजरूपपुर में फेंक दी गई थी। इस वारदात में अशरफ समेत पांच लोग शामिल थे। तोता ने कहा कि अतीक-अशरफ मेरे आका हैं। उनके आदेश पर काम करते वक्त यह नहीं सोचता था कि अंजाम क्या होगा।

काम करने के बाद की पूरी जिम्मेदारी पूर्व सांसद और पूर्व विधायक उठाते थे। हमें सोचना नहीं पड़ता था। उसने किसान नेता जितेन्द्र पटेल के अलावा मरियाडीह में अलकमा और सुरजीत मर्डर केस की पूरी कहानी पुलिस को बताई।

पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वह असलहा भी बरामद कर लिया है जो उसने हत्या में इस्तेमाल किया था। उसे जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि पुलिस 11 जुलाई 2016 में हुई जितेन्द्र पटेल की हत्या और मरियाडीह के दोहरे हत्याकांड में उसकी तलाश कर रही थी। तभी पुलिस को सूचना मिली जिसके बाद ससुरखदेरी नदी के पुल के पास घेराबंदी की। पुलिस को देख तोता ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। तोता ने पुल से कूदकर भागने की कोशिश की लेकिन उसके पैर में चोट आ गई और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

* फोटो सांकेतिक हैं 


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